एक दशक से शाहगंज सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों का टोटा, बच्चों और हड्डी के मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा
शाहगंज, जौनपुर। सरकार भले ही हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का दावा कर रही हो, लेकिन शाहगंज का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा कर रहा है। नगर के एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दशक से भी अधिक समय से बाल रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ की कमी बनी हुई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक बोझ के साथ समय की भी कीमत चुकानी पड़ रही है।
शाहगंज सीएचसी पर नगर के अलावा आसपास के दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी मरीजों के लिए गंभीर परेशानी बनी हुई है। सवाल उठ रहा है कि जब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को स्थानीय स्तर पर कम खर्च में बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है तो वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली क्यों हैं?
डॉ. एमके गुप्ता के बाद नहीं मिला स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ
सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ की कमी सबसे ज्यादा बच्चों के अभिभावकों को परेशान कर रही है। मरीजों के तीमारदारों के अनुसार डॉ. एमके गुप्ता के जाने के बाद से यहां कोई स्थायी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं आया। बीच में कुछ समय के लिए डॉ. सान्याल की तैनाती हुई थी, लेकिन करीब छह महीने बाद उनके जाने के बाद फिर वही स्थिति कायम हो गई।
बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचने वाले अभिभावकों को विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिलने पर निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है। वहां चिकित्सकीय परामर्श के साथ जांच और दवाओं का खर्च भी जुड़ जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन रहा है।
हड्डी के मरीज भी विशेषज्ञ की तलाश में भटक रहे
हड्डी रोग विशेषज्ञ की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। मरीजों के अनुसार डॉ. आरके यादव के बाद सीएचसी पर कोई हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं आया। चोट, फ्रैक्चर और हड्डियों से संबंधित अन्य समस्याओं के मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है।
इसका असर मरीजों की जेब के साथ उनके समय और उपचार की प्रक्रिया पर भी पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार चोट या फ्रैक्चर जैसी स्थिति में दूसरे अस्पताल तक पहुंचना मरीज और तीमारदार दोनों के लिए मुश्किल साबित होता है।
भवन और उपकरण के साथ डॉक्टरों की तैनाती भी जरूरी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में भवन, उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ जरूरी विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित तैनाती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केवल अस्पताल और संसाधन होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी नहीं हो सकती। जब मरीज को अपनी बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सक ही उपलब्ध न हो तो उसे मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि शाहगंज महत्वपूर्ण व्यावसायिक और ग्रामीण क्षेत्र का केंद्र है। यहां आसपास के बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए सीएचसी पर निर्भर हैं। ऐसे में एक दशक से अधिक समय से बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ का अभाव गंभीर विषय है।
आश्वासन नहीं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का इंतजार
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से शाहगंज सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है। लोगों ने विशेष रूप से बाल रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियमित तैनाती की मांग की है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों की दौड़ न लगानी पड़े।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान अब सिर्फ आश्वासन से नहीं, बल्कि चिकित्सकों की तैनाती से होना चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग शाहगंज सीएचसी की जरूरत को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।

