गरीबों और जरूरतमंदों के लिए हमेशा खुला रहता था राजा साहब का दरबार
राजा यादवेंद्र दत्त की 27वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक हुआ स्मरण
जौनपुर। राजा यादवेंद्र दत्त की 27वीं पुण्यतिथि बुधवार को राजा श्रीकृष्णदत्त इंटरमीडिएट कॉलेज में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राजा साहब के बहुआयामी व्यक्तित्व, सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और जरूरतमंदों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कॉलेज के प्रबंधक डॉ. सत्यराम प्रजापति ने कहा कि राजा यादवेंद्र दत्त बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे कई भाषाओं के विद्वान होने के साथ ही समाज के प्रति गहरी संवेदना रखने वाले व्यक्तित्व थे। उनका जीवन सामाजिक सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा।
उप प्रबंधक जियाराम यादव ने कहा कि राजा साहब के हृदय में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए विशेष स्थान था। उन्होंने अपने संबोधन में राजा साहब के सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से जुड़े अनेक प्रसंगों का उल्लेख किया।
कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय सरकारी सहायता पहुंचने से पहले ही राजा साहब की ओर से गरीबों और बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंच जाती थी। यह उनके सेवाभावी और संवेदनशील व्यक्तित्व का प्रमाण था।
वरिष्ठ पत्रकार श्याम नारायण पांडेय ने राजा साहब के राम मंदिर निर्माण आंदोलन में कारसेवा से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजा यादवेंद्र दत्त का सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय चौबे ने राजा यादवेंद्र दत्त के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि राजा साहब जैसा व्यक्तित्व “न भूतो न भविष्यति” रहा है। उनके आदर्श और समाजसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
कार्यक्रम का संचालन एनसीसी के संघीय अधिकारी लेफ्टिनेंट बृजभूषण यादव ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता प्रेमचंद, डॉ. विश्वनाथ, डॉ. बृजेश सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, राम प्रताप, डॉ. रमेश, पवन कुमार साहू, राघवेंद्र सिंह, नागेंद्र प्रसाद, अनिल, सुभाष, रंजना चौरसिया, रंजन प्रजापति, पूजा सिंह सहित कॉलेज के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

