जन्मदिन के बहाने कृष्ण कुमार जायसवाल ने ठोकी सदर सीट पर दावेदारी, अकबर पैलेस में जुटे भाजपाई दिग्गज
खास बात यह रही कि कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी पहुंचे और कृष्ण कुमार जायसवाल को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने से आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई। हालांकि कृष्ण कुमार जायसवाल ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर विधानसभा चुनाव की दावेदारी की घोषणा करने के बजाय वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता कृष्ण कुमार जायसवाल ने कहा कि वैश्य समाज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ लंबे समय से मजबूती से खड़ा रहा है। जनसंघ के दौर से लेकर आज तक समाज ने भाजपा को तन, मन और धन से मजबूती प्रदान की है, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में समाज को अपेक्षित हिस्सेदारी अब तक नहीं मिल सकी है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को उसकी संख्या, योगदान और सामाजिक-आर्थिक भूमिका के अनुरूप राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग और विभिन्न व्यवसायों के जरिए वैश्य समाज के लोग देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन कर रहे हैं। बाजार से लेकर उद्योग जगत तक समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन जब राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात आती है तो अपेक्षित भागीदारी दिखाई नहीं देती। ऐसे में अब राजनीतिक दलों को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कृष्ण कुमार जायसवाल ने कहा कि वैश्य समाज का भाजपा से रिश्ता नया नहीं है। जनसंघ के समय से ही समाज के लोगों ने राष्ट्रवादी विचारधारा को समर्थन दिया और पार्टी को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाई। चुनावों में भी समाज के लोगों ने सक्रियता के साथ पार्टी का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक भागीदारी के मामले में समाज की अपेक्षाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं की राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि वैश्य समाज के युवाओं को राजनीति में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक समाज के लोगों को प्रभावी प्रतिनिधित्व मिलने से व्यापारियों और समाज की समस्याओं को मजबूती से सदन तक पहुंचाया जा सकेगा।
जन्मदिन समारोह बना राजनीतिक जमावड़े का केंद्र
कृष्ण कुमार जायसवाल के जन्मदिन के बहाने आयोजित यह कार्यक्रम सामान्य जन्मदिन समारोह से कहीं अधिक राजनीतिक जमावड़े के रूप में चर्चा में रहा। संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और पूर्व विधायकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। समारोह में मंत्री गिरीश चंद्र यादव की मौजूदगी और कृष्ण कुमार जायसवाल के राजनीतिक संदेश ने इसे सदर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति से जोड़ दिया।
भाजपा के भीतर लंबे समय से अपनी सक्रियता बनाए रखने वाले कृष्ण कुमार जायसवाल कभी मंत्री गिरीश चंद्र यादव के जनसंपर्क अधिकारी भी रह चुके हैं। ऐसे में मंत्री का स्वयं कार्यक्रम में पहुंचना भी स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जन्मदिन के मंच से वैश्य समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी का मुद्दा उठाना और संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरों को एक मंच पर जुटाना, दोनों को उनके आगामी राजनीतिक कदमों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि सदर विधानसभा सीट को लेकर भाजपा में दावेदारी और टिकट का अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को करना है, लेकिन जन्मदिन समारोह के जरिए कृष्ण कुमार जायसवाल ने जिस अंदाज में अपनी राजनीतिक सक्रियता प्रदर्शित की, उससे सदर की सियासत में दावेदारों की चर्चा के बीच एक नया नाम मजबूती से उभरता दिखाई दे रहा है।

