शासनादेश के बावजूद चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक लेने से इनकार! पेंशनर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी
पेंशनर्स एसोसिएशन ने दी अनशन और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी, आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स के टर्म्स ऑफ रेफरेंस शामिल करने की मांग
जौनपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की जनपद शाखा की मासिक बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर्स कार्यालय में हुई। बैठक में पेंशनर्स की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में आ रही दिक्कतों को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शासन स्तर से स्पष्ट व्यवस्था होने के बावजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक लेने की प्रक्रिया समय से पहले बंद कर दी गई है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सीबी सिंह ने कहा कि पेंशनर्स को देय चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए शासन स्तर से व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके तहत 30 सितंबर तक ऑफलाइन तथा एक अक्टूबर से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से देयक स्वीकार किए जाने की स्पष्ट व्यवस्था है। इसके बावजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर 30 सितंबर तक के चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों को तकनीकी परीक्षण के लिए 25 सितंबर से ही लेना बंद कर दिया गया है। उन्होंने इसे शासनादेश के विपरीत बताते हुए तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि पेंशनर्स की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो एसोसिएशन संगठनात्मक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। जरूरत पड़ी तो अनशन, धरना-प्रदर्शन और अन्य संघर्षात्मक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने प्रांतीय कार्यक्रम के तहत हाल में हुए धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनर्स की भागीदारी के लिए सभी का आभार जताते हुए आगामी संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक राकेश कुमार श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार से मांग की कि केंद्रीय आठवें वेतन आयोग के संकल्प पत्र में पेंशनर्स के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को तत्काल शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
बैठक में मौजूद पेंशनर्स ने भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। सदस्यों ने कहा कि इलाज के बाद चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि देयकों के निस्तारण की प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाया जाए।
इस दौरान ओंकार नाथ मिश्र, कांति सिंह, मोराली सिंह, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, चंद्रशेखर सिंह, कंचन सिंह, राजपति विश्वकर्मा, नंदलाल सरोज, अशोक कुमार मौर्य, सुबेदार यादव, मिठाई लाल, शंभूनाथ यादव, इं. प्रमोद कुमार सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह, विक्रमाजीत यादव, जियाराम यादव, पलकधारी गोपाल, ओ. श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार मिश्र, डॉ. भारत यादव, वीवी सिंह, दिनेश चंद्र सिंह, फूल चंद्र नाविक, चंद्र प्रकाश पटेल, रामचंद्र राम, दशरथ राम आदि मौजूद रहे।
बैठक के अंत में स्वर्गीय ठकूरी यादव और स्वर्गीय दूधनाथ यादव के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। बैठक का संचालन जिलामंत्री कृपाशंकर उपाध्याय ने किया।

