मानवता की प्रतिमूर्ति थे राजा साहब रामतेज यादव: डॉ उपाध्याय
जौनपुर । राजा साहब राम तेज यादव मानवता की प्रतिमूर्ति थे। वे मेरे सहपाठी ही नहीं बल्कि अभिन्न मित्र थे। उक्त विचार स्व. राजा साहब राम तेज यादव के जन्म जयंती के अवसर पर राजा श्री कृष्ण दत्त पीजी कॉलेज के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष व राज कॉलेज के पूर्व प्रबंधक डॉ देवेंद्र प्रताप उपाध्याय ने कही।
डॉ उपाध्याय ने आगे कहा कि मित्र का स्मरण करते ही मेरे आंखों से आंसू छलक पड़े। राजा साहब के बड़े पुत्र शिक्षक राजेश कुमार यादव ने कहा कि पिताजी समाज में सुख से ज्यादा लोगों के दुख में पहुंचते थे। जितना बन पड़ता था लोगों की मदद भी करते थे। राजा साहब के ज्यादातर कार्यों में साथ रहने वाले उनके पुत्र दिनेश कुमार यादव ने नेपाल से पिताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किए।शिक्षाविद डॉ ब्रजेश कुमार यदुवंशी ने कहा कि मेरे पिताजी भारतीय संस्कृति, धर्म और दर्शन के प्रकांड विद्वान थे। उनका जीवन ज्ञान, सादगी और मानवता को समर्पित रहा। उन्होंने हमें कभी धन-संपत्ति की नहीं, बल्कि मानवता, ईमानदारी और चरित्र की शिक्षा दी। उनका मानना था - मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी उसका चरित्र है। उनके लिए धर्म का अर्थ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि मानव सेवा था। आज वे सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, पर उनके संस्कार आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं।
राजा साहब रामतेज यादव उद्यान,सेहमलपुर में आयोजित इस जन्म जयंती समारोह में परिवार की मुखिया श्रीमती रंजना यादव, विनोद कुमार यादव, पौत्र सौरभ यादव, गौरव यादव, आदर्श यदुवंशी, प्रखर यादव, अर्पित यदुवंशी, यथार्थ यादव पौत्री शिक्षा यादव, दीक्षा यादव, जाह्नवी यादव, उपासना यादव पुत्रवधू सुशीला यादव, निशा यादव, आशा यदुवंशी, सुषमा यादव सहित शुभचिंतकों ने मुख्य रूप से श्रद्धांजलि अर्पित किए।

