सुरेश रैना की गेंद पर कुलपति और डीएम ने लगाए शॉट, तालियों से गूंज उठा मैदान
सुरेश रैना की गेंद पर कुलपति और डीएम ने लगाए शॉट, तालियों से गूंज उठा मैदान
रैना बोले- पूर्वांचल में प्रतिभाओं की भरमार, जरूरत है उन्हें तराशने की
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग (जीपीएल)के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना पहुंचे तो खिलाड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया। अपने चहेते क्रिकेटर को सामने देखकर खिलाड़ियों में खासा जोश नजर आया। मैदान में खेल, उत्साह और अधिकारियों की मौजूदगी का अनूठा संगम देखने को मिला।मैच शुरू होने से पहले सुरेश रैना ने गेंदबाजी की। उनकी गेंद पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंह और जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने बल्ले से शॉट लगाए तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों के बीच क्रिकेट को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
मीडिया से बातचीत में सुरेश रैना ने कहा कि पूर्वांचल समेत पूरे उत्तर प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है। जरूरत केवल उन्हें सही प्रशिक्षण देकर तराशने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्रिकेट की अपार संभावनाएं हैं और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।
रणजी ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश की भागीदारी को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश में चार टीमें बनाने की आवश्यकता है। इससे अधिक खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकेगा और प्रदेश की क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिल पाएगा।
अपने क्रिकेट करियर के एक खास पल को याद करते हुए सुरेश रैना ने कहा कि यदि उन्हें कभी मौका मिला तो वह उस पारी को दोबारा खेलना चाहेंगे, जिसमें वह 87 रन के स्कोर पर रन आउट हो गए थे। उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनकी यादगार पारियों और अधूरी रह गई उस पारी की चर्चा को फिर से जीवंत कर दिया।
सुरेश रैना ने उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास हो रहा है। जौनपुर प्रीमियर लीग के फाइनल में उनकी मौजूदगी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया।

