राम-भरत के मिलन पर नम हुईं श्रद्धालुओं की आंखें
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने किया शुभारंभ, आकर्षक झांकियों ने मोहा मन; जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा सिपाह
जौनपुर। नगर के सिपाह स्थित मानिक चौक में श्री रामलीला व भरत मिलाप समिति के तत्वावधान में ऐतिहासिक दशहरा और भरत मिलाप समारोह धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत के मिलन का भावुक दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आकर्षक धार्मिक झांकियों, रावण दहन और भव्य शोभायात्रा के बीच पूरा क्षेत्र देर रात तक जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चंद्र यादव ने भगवान श्रीराम दरबार के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। उनके आदर्श, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा प्रत्येक व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। यदि हम उनके जीवन के आदर्शों को अपने आचरण में उतार लें तो समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
समारोह में भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध का सजीव मंचन किया गया। काफी देर तक चले रोमांचक युद्ध के बाद भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतला धू-धूकर जलने लगा तो पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विजयादशमी के पर्व पर असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव मनाया।
रावण दहन के बाद भरत मिलाप समारोह का मुख्य आकर्षण देखने को मिला। मानिक चौक में विराजमान भरत और शत्रुघ्न की झांकी सिपाह चौराहे पर पहुंची, जहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की झांकी विराजमान थी। भगवान श्रीराम ने जैसे ही अपने अनुज भरत को देखा, उन्हें गले से लगा लिया। दोनों भाइयों के मिलन का यह भावुक दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। चारों ओर जय श्रीराम के जयकारे गूंजने लगे और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इसके बाद राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने भगवान श्रीराम, माता सीता और पूरे रामदरबार की आरती उतारी तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
भरत मिलाप के उपरांत आकर्षक धार्मिक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सिपाह चौराहे से प्रारंभ होकर मंच के सामने से गुजरी और फिर मानिक चौक की ओर रवाना हुई, जहां इसका समापन हुआ। शोभायात्रा में शामिल सुसज्जित झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। सजीव प्रस्तुतियों और मनमोहक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।
धार्मिक आयोजन के साथ मेले में भी खूब रौनक रही। खानपान की दुकानों पर गुड़ही जलेबी, चाऊमीन, मोमोज, चाट और पानी पूरी का लोगों ने आनंद लिया। बच्चों ने गुब्बारे और तरह-तरह के खिलौने खरीदे। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आए दर्शकों की भी अच्छी-खासी भीड़ रही। देर रात तक चले आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के संयोजक मनीष श्रीवास्तव (बच्चा) और मनीष श्रीवास्तव (रिंकू) ने मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मनीष श्रीवास्तव पत्रकार, राजेश यादव, गौतम गुप्ता, शिवा श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, श्रवण मौर्य, अनूप यादव, एकांश, सचिन मिश्रा, अनय श्रीवास्तव, प्रखर श्रीवास्तव, पीयूष मिश्रा, कान्हा श्रीवास्तव, हर्ष श्रीवास्तव, आयुष मौर्य, अंगू मौर्य, सुमित मौर्य, प्रभात यादव और अविनाश श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

