सलखापुर रामलीला में शिव धनुष टूटते ही लगे श्रीराम के जयकारे
लक्ष्मण- परशुराम संवाद देख दर्शक हुए रोमांचित
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में कचगांव क्षेत्र के सलखापुर गांव में शुरू हुआ 80 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मौनि बाबा रामलीला समिति में शनिवार को सीता स्वयंवर व परशुराम लक्ष्मण सवांद का भावपूर्ण मंचन किया गया ।रामलीला का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य अमरेश रतन सिंह रंगीले ने फीता काटकर एवं सुरेंद्र प्रताप सिंह सेठ व प्रबंधक संत प्रसाद सिंह धुरंधर ने राम- सीता मइया जी का आरती उतार कर किया। शनिवार की रात रामलीला मंचन में सीता स्वयंवर में जब राजागण धनुष हिला न सके तो राजा जनक के मन मे बेटी विवाह को लेकर चिंता व्याप्त हो गयी। हताश होकर उहोंने कहा कि तजहु आस नजी निज गृह जाहू ,लिखा न विधि वैदेही बीबाहु। इस प्रकार उनके हताशा भरे वाक्य को सुनकर जहाँ लक्ष्मण का क्षत्रिय पुरुषार्थ जागृत हो उठा,वहीं पर विश्वामित्र ने राम को संकेत कर जनक का संताप दूर करने को कहा।इस पर रानी जब श्री राम को धनुष शाला की ओर बढते देखती है तो वे राजा से बालक को रोकने का आग्रह करती है। मगर ज्ञानी विदेह राज को विश्वामित्र के निणर्य पर अटल विश्वास था। इसलिए वे चुप रहते हैं।अन्त में राम शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए डोरी खीचते हैं तभी धनुष टूट जाता हैं। धनुष टूटते ही राजा का प्रण पूरा होता है। और राम के गले मे सीता वरमाला डालकर वरण करती हैं।इस दौरान राम के जयकारे से पूरा वातावरण गुंजायमय हो जाता हैं।फिर लक्ष्मण व परशुराम के संवाद देखकर दर्शक रोमांचित हो जाते हैं।राम का अभिनय अक्षत श्रीवास्तव, लक्ष्मण रौनक सिंह,सीता जनक प्रवीण सिंह,परशुराम विशाल सिंह, विश्वामित्र संत प्रसाद सिंह,धोधुया राजा विशाल सिंह बिट्टू , बाणासुर सतीश कुमार सिंह व रामण विकास सिंह भोला ने किया। इस दौरान प्रधान प्रमोद कुमार पप्पू, पूर्व प्रधान रडंजय सिंह संजय, प्रबंधक /डायरेक्टर धुरंधर सिंह, कोषाध्यक्ष ध्रुव प्रकाश सिंह,संचालक राजकमल सिंह व उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह सोनू , दीपक श्रीवास्तव पत्रकार मौजूद रहे। आये हुए सभी आगन्तुकों का आभार अध्यक्ष यदुनाथ यादव (पूर्व एडीओ) ने प्रकट किया। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी दीपक श्रीवास्तव ने दिया।

