ठगी के शिकार हुए शिमला के बेरोजगार
https://www.shirazehind.com/2013/12/blog-post_339.html
जौनपुर: शिमला से आए कई बेरोजगार ठगी के शिकार हो गए। रविवार को पीड़ित
संबंधित एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर एसपी आवास
पहुंचे।
हिमांचल प्रदेश के शिमला के सिरमौर गांव निवासी रवींद्र कुमार शर्मा, नरेंद्र ठाकुर, रवींद्र कुमार, प्रेम शर्मा, कमलेश, सुशील चौहान, जगदीश आदि बेरोजगारों ने आरोप लगाया कि एके ट्रेडर्स सिफा में नौकरी का झांसा देकर हम लोगों को बुलाया गया। जहां काम के बदले 12 से 20 हजार रुपये वेतन देने को कहा गया। हम लोगों को नेटवर्किंग के माध्यम से अन्य लोगों को बुलाने के काम में लगा दिया गया। 15 दिन काम करने के बाद सच्चाई का पता चला। जिसका हम लोग विरोध करना चाहे। जिस पर एनजीओ के सीनियर अधिकारियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए हम लोगों को भगा दिया।
हिमांचल प्रदेश के शिमला के सिरमौर गांव निवासी रवींद्र कुमार शर्मा, नरेंद्र ठाकुर, रवींद्र कुमार, प्रेम शर्मा, कमलेश, सुशील चौहान, जगदीश आदि बेरोजगारों ने आरोप लगाया कि एके ट्रेडर्स सिफा में नौकरी का झांसा देकर हम लोगों को बुलाया गया। जहां काम के बदले 12 से 20 हजार रुपये वेतन देने को कहा गया। हम लोगों को नेटवर्किंग के माध्यम से अन्य लोगों को बुलाने के काम में लगा दिया गया। 15 दिन काम करने के बाद सच्चाई का पता चला। जिसका हम लोग विरोध करना चाहे। जिस पर एनजीओ के सीनियर अधिकारियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए हम लोगों को भगा दिया।

