अभी तक क्यों कुंवारी हैं बसपा सुप्रीमो मायावती!
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वाराणसी. इंसान की किस्मत में यदि सितारे उसके साथ हो तो वह
बुलंदियों को हासिल कर ही लेता है। इसी एक मिसाल है यूपी की पूर्व
मुख्यमंत्री मायावती। जी हां, एक आम क्लर्क की बेटी मेहनत और प्रबल ग्रहीय योगों के जरिए प्रदेश की मुख्यमंत्री बन गई। भारतीय
राजनीति को दिशा देने वाली मायावती अब अपनी पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री
पद की भी दावेदारी पेश कर रही हैं। पर वहीं कुंडली में ग्रहों की दशा और
दिशा की वजह से वह आज तक कुंवारी हैं।
माया की कुंडली में कई प्रबल और दुर्लभ योग हैं।
इनकी ही वजह से वह आने वाले लोक सभा चुनाव में गहरी छाप छोड़ेंगी। दस से
ऊपर शानदार ग्रहीय योग और महा दशाओं के चलते आने वाले समय में राजनीति की
धूरी इनके पास ही घूमेगी। काशी के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं दीपक मालवीय
ने इनकी कुंडली का गहन अध्यन किया है और चौंकाने वाले तथ्यों को बताया है।
पं मालवीय ने बताया की मायावती जी का जन्म कर्क लग्न में हुआ है।
लग्नेश चन्द्रमा सप्तम भागवत होकर लग्न पर दृष्टि निक्षेप कर रहा है।
लग्नेश चन्द्रमा को 1.55 षड्बल प्राप्त है। लाभ भाव का स्वामी शुक्र भी
चलित चक्र में चन्द्रमा से सप्तम भाव में संयुक्त है और लग्न पर दृष्टिपात
कर रहा है। धनेश
सूर्य के साथ, लग्नेश चन्द्रमा की युति तथा दद्दशेष बुद्ध के साथ सप्तम
भाव में परस्पर युति से संबंध के कारण ही मायावती अविवाहित हैं। सप्तमेश शनि स्व नक्षत्र अनुराधा में स्थित है। शनि को 1.36 षड्बल प्राप्त है। अतः शनि कृत विवाह अवरोध सम्पुष्टि हो रही है।
पं मालवीय ने बताया की मायावती जी का जन्म कर्क लग्न में हुआ है। लग्नेश
चन्द्रमा सप्तम भागवत होकर लग्न पर दृष्टि निक्षेप कर रहा है। लग्नेश
चन्द्रमा को 1.55 षड्बल प्राप्त है। लाभ भाव का स्वामी शुक्र भी चलित चक्र
में चन्द्रमा से सप्तम भाव में संयुक्त है और लग्न पर दृष्टिपात कर रहा है।
धनेश सूर्य के साथ, लग्नेश चन्द्रमा की युति तथा दद्दशेष बुद्ध के साथ
सप्तम भाव में परस्पर युति से संबंध के कारण ही मायावती अविवाहित हैं।
सप्तमेश शनि स्व नक्षत्र अनुराधा में स्थित है। शनि को 1.36 षड्बल प्राप्त
है। अतः शनि कृत विवाह अवरोध सम्पुष्टि हो रही है।
मायावती का चन्द्र लग्न मकर है। योग कारक शुक्र है, धन भाव में स्थित
है। भाग्य वेश बुद्ध एवं सप्तमेश, चन्द्र लग्न से संपत है। लाभ भाव में
लग्नेश शनि लाभेश मंगल और राहु स्थित है। लाभ भाव से त्रिकोण भाव भारी
जनसमर्थन प्रदान करता है। जो कि आगामी लोक सभा में देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष- वर्तमान समय में 25/05/13 से 17 वर्षीय बुद्ध की महादशा चल
रही है। जो 25/05/2030 तक बनी रहेगी। इसके अंतर्गत बुद्ध की ही अंतर दशा
प्रभावी है। जो 25/05/13 से 22/10/2015 तक रहेगी। इसी बीच लोक सभा चुनाव भी
होना हैं, जिसमें इस बार मायावती को सीटों का फायदा होगा। लोक सभा चुनाव
में इन ग्रहीय योगों के चलते कुछ नया हो सकता है। पं दीपक मालवीय ने बताया कि मायावती ने 15 जनवरी 1956 दिन रविवार को जन्मी
प्रभु दयाल जी के घर जन्म लिया। डाक विभाग में वरिष्ठ क्लर्क के रूप में
कार्यरत प्रभु दयाल को शायद मालूम नहीं रहा होगा कि आने वाले समय में
भारतीय राजनीति की एक कड़ी उनकी बेटी भी होगी। कुंडली में शुभ योग इस प्रकार
हैं, जिन्होंने उन्हें असाधारण प्रतिभा का धनी बना दिया।
1. सूर्य बुद्ध योग
कुंडली में सूर्य और बुद्ध एक साथ विराजमान हैं। इसकी वजह से मायावती
मधुर भाषी हैं, इसीलिए वह लोगों को आकर्षित करती हैं। चतुर विद्वान, धनवान,
अनुशासित सेवाभाव रखने वाली, इस योग के जातक अपने कार्यों की वजह से
प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं।
2. संख्या केदार योग
इस योग की वजह से मायावती का निर्णय काफी चंचल रहता है। मतान्तर से
बुद्धिमान निर्णय होता है। ऐसे जातक लोगों की चिंता करने वाले होते है। वह
उपकारी और दीर्घजीवी होते हैं।
3. वोशि योग
इस योग में जन्मे जातक दानशील और कीर्तिमानी होता है। ऐसा जातक अक्सर
चर्चाओं में रहता है। ये योग जातक का घर और प्रदेश के बाहर भी चर्चा कराता
है। जातक की स्मरण शक्ति जबरदस्त होती है। स्थूल शरीर धारी होता है। राजा
के तुल्य होता है।
4. पर्वत योग
शुभ गृह केंद्र में 6 और 8 का भाव गृह युक्त हो तो शुभ पर्वत योग बनता
है। लग्नेश और व्येश परस्पर केंद्र स्थित होकर मित्र ग्रहों की और दृष्टि
हो तो यह योग बनता है। इस योग का जातक गुनी वक्ता होता है।
5. संख योग
इस योग का जातक दयालु, पुण्यकार्य और शुभ आचरण वाला होता है। सत्कर्म
में रूचि धार्मिक विद्वान तथा आनंद प्रिय और पारिवारिक दृष्टि से भी सफल
होता है।
6. केंद्र त्रिकोण राज योग
इस योग में ग्रहों के योग चार प्रकार के बनते हैं, 1. जब दो गृह
परस्पर देखते हो। 2. जब एक गृह दूसरे को देखता हो। 3 जब दो ग्रहों में राशि
परिवर्तन हो। 4. जब दो गृह एक ही राशि में हो तब ये योग बनता है। इसका
जातक सम्मान तथा हर प्रकार के वैभव से युक्त होता है।
7. राजयोग
जातक के सफलता, सम्मान, प्रतिष्ठा में लगातार वृद्धि होती है। कठिनाइयों के बाद भी जातक की कीर्ति बढ़ती ही जाती है।
8. धन योग
सत्ता को सुचारू रूप से चलाने वाला होता है। घर के साथ राज्य को धनवान
बनता है। नीतियां उत्कृष्ट रहती हैं, जो अक्सर चर्चाओं में रहती हैं।
9. दानयोग
जातक अत्यधिक दानशील होता है। भाग्य योग और राजयोग इस योग में लगातार वृद्धि करते हैं।
10. गणित विद्याजन योग
जातक अपने क्षेत्र का कुशल गणितग्य होता हैं। राजनीति में शिखर तक की पकड़ होती हैं।

