.........तोहरे दर्शन से पाइब करार नबी जी
https://www.shirazehind.com/2014/01/blog-post_7886.html
जौनपुर। नगर के तारापुर मोहल्ला स्थित मस्जिद बागे रसूल पर शनिवार की देर शाम ऐतिहासिक जलसा सीरतुन्नबी व मदहे सहाबा का आयोजन किया गया। जलसे में मदरसा हनफिया के मौलाना और नातख्वां ने अपने कलाम पेश किए। मौलाना महमूद बलियावी ने कहा कि इस्लाम ने कभी इस बात की इजाजत नहीं दी है कि बिना किसी से पूछे उसकी कोई चीज ले ली जाए। हराम पैसे की सख्त मनाही है। झूठ और फरेब से बचने की हिदायत दी गई है।
उन्होंने कहा कि आज देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है, लोग एक दूसरे का माल खाने में परहेज नहीं करते। लोग मां बाप की खिदमत नहीं करते। जरा-जरा से बात पर उन्हें दुत्कार देते हैं। अल्लाह ताला ने कहा है कि जो शख्स वालिदैन की नाफरमानी करेगा उसे जहन्नम में डाल दिया जाएगा। हमें अपने बच्चों की परवरिश इस तरह से करनी चाहिए कि वह बड़े होकर मिसाल बन सकें। किसी से झूठ नहीं बोले, किसी के साथ बेईमानी नहीं करें। मुसलमान को चाहिए कि वह अपने पड़ोसी का ख्याल रखे, अगर वह भूखा हो तो उसे खाना खिलाए। बच्चों को अंग्रजी जरूर पढ़ाई जाए लेकिन साथ ही कुरान का सबक भी सिखाया जाए। जलसे में मौलाना महमूद की भोजपुरी नात तड़पे मन का सोगनवा हमार नबी जी, तोहरे दर्शन से पाइब करार नबी जी ने लोगों की वाहवाही लूटी। मौलाना आसिफ ने कहा कि जब अहले बैत का जिक्र हो तो हजरत मोहम्मद साहब की सभी बीवियों, बेटियों और नवासों को नाम लिया जाना चाहिए। वर्ना अहले बैत का सही मायने नहीं निकलेगा। अल्लाह बंदे का इम्तहान लेता है। उसे मुश्किलों में डालकर परखता है। बच्चों को इस तरह से शिक्षा दी जाए कि वह ईष्र्या, झूठ, घमंड और नफरत से दूर रहें। इस्लाम में बेईमानी की कोई जगह नहीं है। मुफ्ती सलमान ने कहा कि रबीउलअव्वल का महीने सारे महीनों से अफजल है। इसी महीने में हुजूर पाक की वेलादत हुई थी। उन्होंने मुसलमानों को जीने का ढंग सिखाया। इसके पूर्व कारी रेहान ने जलसे का आगाज तेलावते कुरान से की। जलसे का संचालन मौलाना इसरार ने किया। इस मौके पर इस्लाम अंसारी, लियाकत अली, शफीक खां, महमूद, नियाज, शफीक अंसारी, मुमताज, गुलहसन, मुनव्वर, उस्मान आदि लोग उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि आज देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है, लोग एक दूसरे का माल खाने में परहेज नहीं करते। लोग मां बाप की खिदमत नहीं करते। जरा-जरा से बात पर उन्हें दुत्कार देते हैं। अल्लाह ताला ने कहा है कि जो शख्स वालिदैन की नाफरमानी करेगा उसे जहन्नम में डाल दिया जाएगा। हमें अपने बच्चों की परवरिश इस तरह से करनी चाहिए कि वह बड़े होकर मिसाल बन सकें। किसी से झूठ नहीं बोले, किसी के साथ बेईमानी नहीं करें। मुसलमान को चाहिए कि वह अपने पड़ोसी का ख्याल रखे, अगर वह भूखा हो तो उसे खाना खिलाए। बच्चों को अंग्रजी जरूर पढ़ाई जाए लेकिन साथ ही कुरान का सबक भी सिखाया जाए। जलसे में मौलाना महमूद की भोजपुरी नात तड़पे मन का सोगनवा हमार नबी जी, तोहरे दर्शन से पाइब करार नबी जी ने लोगों की वाहवाही लूटी। मौलाना आसिफ ने कहा कि जब अहले बैत का जिक्र हो तो हजरत मोहम्मद साहब की सभी बीवियों, बेटियों और नवासों को नाम लिया जाना चाहिए। वर्ना अहले बैत का सही मायने नहीं निकलेगा। अल्लाह बंदे का इम्तहान लेता है। उसे मुश्किलों में डालकर परखता है। बच्चों को इस तरह से शिक्षा दी जाए कि वह ईष्र्या, झूठ, घमंड और नफरत से दूर रहें। इस्लाम में बेईमानी की कोई जगह नहीं है। मुफ्ती सलमान ने कहा कि रबीउलअव्वल का महीने सारे महीनों से अफजल है। इसी महीने में हुजूर पाक की वेलादत हुई थी। उन्होंने मुसलमानों को जीने का ढंग सिखाया। इसके पूर्व कारी रेहान ने जलसे का आगाज तेलावते कुरान से की। जलसे का संचालन मौलाना इसरार ने किया। इस मौके पर इस्लाम अंसारी, लियाकत अली, शफीक खां, महमूद, नियाज, शफीक अंसारी, मुमताज, गुलहसन, मुनव्वर, उस्मान आदि लोग उपस्थित रहे।
