डउ कुल कै दिहलें सत्यानाश साल भर का खइहै लइका
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डउ कुल कै दिहलें सत्यानाश आलू , सब्जी , सरसो सड़ गल गै रहर , मटर सब हो गइल ख़राब गेहू गइल लोट अब साल भर का खइहै लइका। यह दर्द भरी दस्ता है जौनपुर के उन हजारो किसानो जिनकी फसलो को शुक्रवार की शाम आई तेज आधी पानी और ओलाबृष्टि ने अपने आगोश में लेकर पूरी तरह चौपट कर दिया। अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई पानी में बहता देख किसानो के आँखों से खून के आशु निकल रहे है।
जौनपुर समेत पुरे पूर्वांचल के लोगो के मुख्य आजीविका कृषि है। यहाँ के लोग खेती करके अपने बाल बच्चो का पेट पालते है। किसान महगी लागत और कड़ी मेहनत करके अपनों खेतो आलू , सब्जी , दलहन तिलहन और गेहूं की फसल उगाये हुए थे। ये फसले कुछ ही दिनों में तैयार होने वाली थी। खेतो में लहलहाती फसलो के बदौलत कोई किसान अपने बेटी का हाथ पीले करने का योजना बनाया था कोई अपने बच्चे का दाखिला अच्छे स्कूल में कराने की बात मन में बैठाई थी। लेकिन एक हफ्ते से हो रही रिमझीम बारिश और कल शाम तेज़ गति से आई आंधी और पानी ने सब कुछ बरबाद कर दिया। शादी विवाह , पढाई लिखाई तो दूर की बात अब इन किसानो को खाने के लाले पड़ गये है।
किसानो का सब कुछ बरबाद हो गया है खेतो की हालत देख अन्नदाता खून के आशु रो रहे है इधर कृषि विभाग के अधिकारी दफ्तर में ही बैठकर 15 से 20 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान लगा रहे है
जौनपुर समेत पुरे पूर्वांचल के लोगो के मुख्य आजीविका कृषि है। यहाँ के लोग खेती करके अपने बाल बच्चो का पेट पालते है। किसान महगी लागत और कड़ी मेहनत करके अपनों खेतो आलू , सब्जी , दलहन तिलहन और गेहूं की फसल उगाये हुए थे। ये फसले कुछ ही दिनों में तैयार होने वाली थी। खेतो में लहलहाती फसलो के बदौलत कोई किसान अपने बेटी का हाथ पीले करने का योजना बनाया था कोई अपने बच्चे का दाखिला अच्छे स्कूल में कराने की बात मन में बैठाई थी। लेकिन एक हफ्ते से हो रही रिमझीम बारिश और कल शाम तेज़ गति से आई आंधी और पानी ने सब कुछ बरबाद कर दिया। शादी विवाह , पढाई लिखाई तो दूर की बात अब इन किसानो को खाने के लाले पड़ गये है।
किसानो का सब कुछ बरबाद हो गया है खेतो की हालत देख अन्नदाता खून के आशु रो रहे है इधर कृषि विभाग के अधिकारी दफ्तर में ही बैठकर 15 से 20 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान लगा रहे है

