आपको सुनने, आपके दर्द समझने को, मैं आपके बीच आया हूं : राहुल
https://www.shirazehind.com/2014/03/blog-post_6177.html
भइया, आपके बिना शहर नहीं चलता, व्यापार भी नहीं चलता तो आपको सुने बिना सियासत भी नहीं चलेगी। आप रिक्शा चलाते हो.. आपको भी इज्जत और तरक्की का उतना ही हक है जितना गाड़ियों पर चलने वालों को, इसीलिए आपको सुनने, आपके दर्द को समझने और आपकी उम्मीदों के मुताबिक राजनीति चलाने की कोशिश में मैं आपके बीच आया हूं। किसी के भी दिल को छू लेने वाली यह बात वाराणसी में मौजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कही। राहुल शनिवार को कैंट स्टेशन पर रिक्शा व आटो चालकों की चौपाल में भाग लेने आए थे। घोषणा पत्र बनाने वाले हैं बाहर लगभग डेढ़ घंटे तक रिक्शा चालकों की पीड़ा व दर्द सुनने के बाद राहुल भावुक हो गए। बोले, आप लोगों के बीच नेता भाषण दे जाते हैं, आप उन्हें सुनते हो और सरकारें बनाते हो। मैं सुनाने नहीं आपकी बातें सुनने आया हूं। मुझे सुनना अच्छा लगता है क्योंकि उससे नजरिया बनता है। पहले पांच-छह नेता चुनाव घोषणा पत्र बना देते थे, आज वे कहीं बाहर खड़े हैं और मैं आपके बीच। यूपीए ने फर्श देने की कोशिश की

