देश की कमान सही हाथ में देने का लें संकल्पः रविन्द्र द्विवेदी
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जौनपुर। हम भारतवासी अपने देश को भारत माता कहते हैं। विश्व का कोई भी ऐसा देश नहीं है जिसे माता कहा जाता हो परन्तु हमारे देश को भारत माता कहकर उसकी पूजा की जाती है। सभी भाइयों की विभिन्न आचार-विचार, खान-पान, रहन-सहन आदि हैं परन्तु सभी एक ही माता के संतान हैं, फिर भी राजनीति के गलियारों में खादी का चोला पहनकर हमें धर्म, जाति, क्षेत्र, पंथ के नाम पर बांटा जाता है। ऐसे लोग शायद यह भूल जाते हैं हमारी जाति, धर्म आदि सब कुछ केवल हमारा राष्ट्र धर्म है। इससे बड़ा कोई न कोई धर्म होता है और न ही भारत माता से बड़ी कोई अन्य। उक्त बातें आचार्य रविन्द्र द्विवेदी ने बुधवार को पत्र-प्रतिनिधियों से हुई भेंट के दौरान एक अनौपचारिक वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हम क्षेत्रीय गंवई राजनीति करने वाले सपा नेता आजम खां को बताना चाहेंगे कि उनके बयानबाजी में यदि यह कहा गया कि कारगिल की लड़ाई मुसलमानों के दम पर जीती गयी तो यह बिल्कुल सही है, क्योंकि सच्चा मुसलमान 5 वक्त का नमाजी होता है और अपना मस्तक नमाज के समय भारत माता की गोद पर रखकर सजदा करता है जो वास्तव में वंदेमातरम् का पाठ करता है। ऐसे में उससे बड़ा राष्ट्र भक्त कोई हो ही नहीं सकता है। क्या वह अपनी मां की अस्मिता पर आंच आने देगा? क्या वह अपने राष्ट्र पर आक्रमण होने देगा? परन्तु आजम खां जैसे नेता एवं कुछ बाहरी देश के एजेण्टों ने भारत मां के उन बेटों को बरगला रहे हैं जो वास्तव में राष्ट्र भक्त हैं और भारत मां के लिये सेवा परस्त हैं। श्री द्विवेदी ने देशवासियों का आह्वान करते हुये कहा कि अपनी बहन-बेटियों को बचाना है, अलगाववाद, आतंकवाद, नक्सलवाद से अपना एवं अपने राष्ट्र की रक्षा करना है तो देश के बागडोर की कमान सही हाथ में देने का संकल्प लें।

