चिकित्सक का धर्म पैसा कमाना नहीं : डा. वीपी सिंह

  जौनपुर। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन पद्धति है। चिकित्सा विज्ञान साधन नहीं, बल्कि साध्य है। हर व्यक्ति चिकित्सक नहीं बन सकता। चिकित्सक का धर्म पैसा कमाना नहीं, बल्कि पीडि़त मानव की सेवा करना है। उपरोक्त बातें जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक एवं हिन्दी फीचर फिल्म ‘गार्जियन्स’ के निर्माता/अभिनेता डा. वीपी सिंह ने नगर के नईगंज स्थित एक मैरेज हाल में ‘हिम्स फार्मूलेशन’ द्वारा आयोजित चिकित्सक मिलन एवं लकी ड्रा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि डा. राम सिंगार शुक्ल ‘गदेला’ अध्यक्ष गोमती जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि यह दुनिया की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है तथा इसका कोई साइड एफेक्ट नहीं है, बल्कि यह मर्ज का कारण ढूढ़कर उसे नष्ट कर रोगी को राहत देती है। आयुर्वेद चिकित्सा विश्व में भारत की पहचान है। इस दौरान आयोजित लकी ड्रा के प्रथम पुरस्कार विजेता डा. सुरेश बरगांव अम्बेडकरनगर को बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल, द्वितीय पुरस्कार एलसीडी टीवी केके मेडिकल गजना जौनपुर एवं तृतीय पुरस्कार डा. आरके यादव बीबीगंज समाधगंज जौनपुर को फ्रीज मिला तथा इसके अलावा अन्य पुरस्कार सांत्वना के रूप में दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमकार नाथ दूबे एवं संचालन दीपक सिंह ने किया। अन्त में हिम्स फार्मूलेशन के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार दूबे ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया जबकि अतिथियों का स्वागत राजेन्द्र सिंह, अरूण दूबे, पंकज द्विवेदी, विवेक तिवारी, दिनेश मौर्य, पीके श्रीवास्तव ने किया।

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