कहीं तैयार की जा रही नर्सरी तो कहीं रोपाई शुरू
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_261.html
जौनपुर : मानसून में देरी के बावजूद ताल क्षेत्र के किसान धान की
रोपाई करना प्रारम्भ कर दिए हैं। जबकि अन्य गांवों के किसान अभी धान की
नर्सरी तैयार करने में जुटे हैं।
क्षेत्र के हसनपुर जमुआ, मेंहदी, मलसिल, गहनी, टेकारी, बभनौली, चकशिवरामगिरी, डमरुआ आदि गांवों के किसान जून के प्रथम सप्ताह में ही धान की नर्सरी डाल देते हैं। कहीं-कहीं सांडा विधि का प्रयोग कर नर्सरी की तैयारी मे हैं। निचले भाग के साथ-साथ जहां से नहर गुजरी है वहां के किसान भी अगैती धान तैयार करने वालों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। नलकूप के समीप खेती करने वाले किसानों की नर्सरी तैयार है। वे धान की रोपाई करने वाले खेतों में खाद डालकर अच्छी जुताई कर खेत तैयार कर मानसून का इंतजार कर रहे हैं। कुछ गांवों में नहर में पानी न आने से किसान धान की नर्सरी तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
बांकी गांव निवासी प्रगतिशील किसान उदयराज मिश्र ने बताया कि महंगाई की मार झेल रहे किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
क्षेत्र के हसनपुर जमुआ, मेंहदी, मलसिल, गहनी, टेकारी, बभनौली, चकशिवरामगिरी, डमरुआ आदि गांवों के किसान जून के प्रथम सप्ताह में ही धान की नर्सरी डाल देते हैं। कहीं-कहीं सांडा विधि का प्रयोग कर नर्सरी की तैयारी मे हैं। निचले भाग के साथ-साथ जहां से नहर गुजरी है वहां के किसान भी अगैती धान तैयार करने वालों ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। नलकूप के समीप खेती करने वाले किसानों की नर्सरी तैयार है। वे धान की रोपाई करने वाले खेतों में खाद डालकर अच्छी जुताई कर खेत तैयार कर मानसून का इंतजार कर रहे हैं। कुछ गांवों में नहर में पानी न आने से किसान धान की नर्सरी तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
बांकी गांव निवासी प्रगतिशील किसान उदयराज मिश्र ने बताया कि महंगाई की मार झेल रहे किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है।

