अंकचिट पर गलत अंक चढ़ाने वाले हो रहे बाहर
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_279.html
जौनपुर : पूर्वाचल विश्वविद्यालय के मूल्यांकन में परीक्षकों को तमाम
एहतियात व निर्देश दिए जा रहे हैं इसके बाद भी उनमें सुधार नहीं हो रहा है
जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। समन्वयक के जांच में अंकचिट पर गलत
अंक चढ़ाने वाले परीक्षकों को रोजाना मूल्यांकन से बाहर का रास्ता दिखाया
जा रहा है। अभी तक 25 से 30 परीक्षकों के साथ ऐसी कार्रवाई की गई।
संकाय भवन व मैकेनिकल भवन स्थित केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र पर सभी कमरों के बाहर आवश्यक निर्देश लिखे हुए हैं जिसमें यह साफतौर पर लिखा है कि नंबर चढ़ाने में सावधानी बरती जाय। अंकपत्र तालिका गड़बड़ हो तो फिर से लिया जाय। गलत अंक चढ़ गया हो तो नया अंकपत्र तालिका लेकर फिर से उसे बनाने का निर्देश है। मगर ज्यादातर नए परीक्षक अंकचिट पर जल्दबाजी में गलत नंबर चढ़ा देते हैं। इस बात का खुलासा समन्वयक की तरफ से तैयार टीम कर रही है जिसमें कापियों के बंडल के नंबर से अंकचिट का मिलान किया जा रहा है। गलत पाए जाने पर उन परीक्षकों को आगे से मूल्यांकन में न बैठने की हिदायत दे दी जा रही है। वजह कि इससे छात्रों का भविष्य खराब हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता।
इस बाबत संकाय भवन केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र समन्वयक डा.अखिलेश्वर शुक्ला ने बताया कि इस प्रकार की बड़ी गलती होती है। इसलिए केंद्र पर चार काउंटर बनाकर कर्मचारियों से कापियों व अंकतालिका का मिलान कराया जाता है। गलती करने वाले परीक्षक को मूल्यांकन से बाहर कर दिया जाता है।
संकाय भवन व मैकेनिकल भवन स्थित केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र पर सभी कमरों के बाहर आवश्यक निर्देश लिखे हुए हैं जिसमें यह साफतौर पर लिखा है कि नंबर चढ़ाने में सावधानी बरती जाय। अंकपत्र तालिका गड़बड़ हो तो फिर से लिया जाय। गलत अंक चढ़ गया हो तो नया अंकपत्र तालिका लेकर फिर से उसे बनाने का निर्देश है। मगर ज्यादातर नए परीक्षक अंकचिट पर जल्दबाजी में गलत नंबर चढ़ा देते हैं। इस बात का खुलासा समन्वयक की तरफ से तैयार टीम कर रही है जिसमें कापियों के बंडल के नंबर से अंकचिट का मिलान किया जा रहा है। गलत पाए जाने पर उन परीक्षकों को आगे से मूल्यांकन में न बैठने की हिदायत दे दी जा रही है। वजह कि इससे छात्रों का भविष्य खराब हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन होता।
इस बाबत संकाय भवन केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र समन्वयक डा.अखिलेश्वर शुक्ला ने बताया कि इस प्रकार की बड़ी गलती होती है। इसलिए केंद्र पर चार काउंटर बनाकर कर्मचारियों से कापियों व अंकतालिका का मिलान कराया जाता है। गलती करने वाले परीक्षक को मूल्यांकन से बाहर कर दिया जाता है।

