छह वर्षो से धूल फांक रही जनता
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_3643.html
जौनपुर : छह वर्ष बीत जाने के बाद भी जफराबाद नावघाट सेतु को
पूर्ण रूप से पहुंच मार्ग नहीं मिल पाया है। इसे शासन की मनमानी कहा जाय या
जनप्रतिनिधियों की लापरवाही। वर्ष 2008 से इस सेतु का कार्य बसपा शासन में
सवा पांच करोड़ की लागत से तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक जगदीश नारायण राय के
प्रयास से शुरू हुआ। तीन वर्ष बाद पुल का कार्य अधूरा ही रहा और सरकार बदल
गई।
सपा शासन में क्षेत्रीय विधायक शचिन्द्र नाथ त्रिपाठी ने प्रयास किया तो नए बजट में नौ करोड़ रुपया उक्त अधूरे पुल निर्माण के लिए पुन: शासन से प्राप्त हुआ। पुल की लागत 14 करोड़ पहुंच गई, फिर भी जनता अभी तक सड़क के अभाव में धूल फांक रही है। पिछले वर्ष जैसे-तैसे सेतु निर्माण कार्य तो पूरा हो गया पर पहुंच मार्ग मिट्टी पाटकर छोड़ दिया गया। दो वर्षो से क्षेत्रीय लोग आने-जाने वाले राहगीर उक्त मार्ग पर धूल व कीचड़ का दंश झेल रहे हैं।
सूखे समय में धूल में और बरसात हुई तो कीचड़ में चलना दुश्वार हो जाता है। पहुंच मार्ग न होने पर क्षेत्रीय जनता में जबरदस्त आक्रोश है।
बोले विधायक
पूछे जाने पर क्षेत्रीय विधायक शचिन्द्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि उक्त पहुंच मार्ग निर्माण में क्षेत्रीय कुछ लोग अतिक्रमण कर अवरोध किए हैं। निवेदन से नहीं माने, अब सख्ती से पेश आया जाएगा। जल्द ही उनके विरुद्ध कार्रवाई कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने की कोशिश जारी है।
सपा शासन में क्षेत्रीय विधायक शचिन्द्र नाथ त्रिपाठी ने प्रयास किया तो नए बजट में नौ करोड़ रुपया उक्त अधूरे पुल निर्माण के लिए पुन: शासन से प्राप्त हुआ। पुल की लागत 14 करोड़ पहुंच गई, फिर भी जनता अभी तक सड़क के अभाव में धूल फांक रही है। पिछले वर्ष जैसे-तैसे सेतु निर्माण कार्य तो पूरा हो गया पर पहुंच मार्ग मिट्टी पाटकर छोड़ दिया गया। दो वर्षो से क्षेत्रीय लोग आने-जाने वाले राहगीर उक्त मार्ग पर धूल व कीचड़ का दंश झेल रहे हैं।
सूखे समय में धूल में और बरसात हुई तो कीचड़ में चलना दुश्वार हो जाता है। पहुंच मार्ग न होने पर क्षेत्रीय जनता में जबरदस्त आक्रोश है।
बोले विधायक
पूछे जाने पर क्षेत्रीय विधायक शचिन्द्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि उक्त पहुंच मार्ग निर्माण में क्षेत्रीय कुछ लोग अतिक्रमण कर अवरोध किए हैं। निवेदन से नहीं माने, अब सख्ती से पेश आया जाएगा। जल्द ही उनके विरुद्ध कार्रवाई कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने की कोशिश जारी है।


