टीइटी संघर्ष मोर्चा ने खोला यूपी सरकार के खिलाफ मोर्चा
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_4783.html
जौनपुर: शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाने के प्रदेश सरकार के निर्णय का
टीइटी व बीटीसी संघर्ष मोर्चा ने विरोध किया है। रविवार को टीडी कालेज के
पास टीइटी संघर्ष मोर्चा और बीटीसी संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ
नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने सरकार पर सौतेले रवैए का
आरोप लगाया। साथ ही हाईकोर्ट में सरकार के शासनादेश को चुनौती देने का
निर्णय लिया।
इससे पहले टीइटी संघर्ष मोर्चा और बीटीसी मोर्चा के पदाधिकारियों ने मारुति मंदिर पर बैठक किया। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाने का विरोध करने का निर्णय लिया। इसके बाद टीडी कालेज के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष शशांक सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का समायोजन किसी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए हम लोग हाईकोर्ट की शरण लेंगे। लालजी बिंद, नवीन सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का चयन वैधानिक रूप से अवैध है। ऐसे में इन्हें अध्यापक नहीं बनाया जा सकता। प्रदर्शन के बाद नवीन सिंह को संयुक्त मोर्चे का अध्यक्ष चुना गया।
प्रदर्शन करने वालों में संतोष चतुर्वेदी, सोमारू राम प्रजापति, विनय कुमार, वरुण बिंद, दिनेश यादव, राजकुमार पटेल, मु.अशफाक, सत्यकाम त्रिपाठी, नीलेश सिंह आदि शामिल रहे।
इससे पहले टीइटी संघर्ष मोर्चा और बीटीसी मोर्चा के पदाधिकारियों ने मारुति मंदिर पर बैठक किया। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को अध्यापक बनाने का विरोध करने का निर्णय लिया। इसके बाद टीडी कालेज के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष शशांक सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का समायोजन किसी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए हम लोग हाईकोर्ट की शरण लेंगे। लालजी बिंद, नवीन सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों का चयन वैधानिक रूप से अवैध है। ऐसे में इन्हें अध्यापक नहीं बनाया जा सकता। प्रदर्शन के बाद नवीन सिंह को संयुक्त मोर्चे का अध्यक्ष चुना गया।
प्रदर्शन करने वालों में संतोष चतुर्वेदी, सोमारू राम प्रजापति, विनय कुमार, वरुण बिंद, दिनेश यादव, राजकुमार पटेल, मु.अशफाक, सत्यकाम त्रिपाठी, नीलेश सिंह आदि शामिल रहे।


