प्रेमी की मौत के बाद घर से बेघर हुई युवती को मिला जीवन साथी, थाने में हुई शादी
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_6271.html
जौनपुर: प्रेमी की मौत के बाद घर से बेघर हुई उस युवती की कहानी बड़ी
ही कारुणिक है। जिस प्रेमी के लिए उसने अपना सब कुछ छोड़ दिया अचानक उसकी
मौत के बाद प्रेमी के परिजनों ने उसे घर से बाहर निकाल दिया। परिजनों ने न
तो उसके हालात पर तरस खाया और न ही उसके दुधमुंहे बच्चों पर। हालात की भारी
वह हफ्तों इधर-उधर भटकती रही पर कुछ भले लोगों ने न सिर्फ उसे सहारा दिया
बल्कि उनके प्रयास से उसे जीवन साथी भी मिल गया।
अम्बेडकरनगर जिले के जोरिनियापट्टी निवासी दुर्गावती तीन वर्ष पूर्व सरपतहां थाना क्षेत्र के गैरवाह निवासी राज उजागिर से मिली। दोनों में प्रेम हुआ और दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया। हालांकि दुर्गावती ने बिना इस बात की परवाह किए इतना बड़ा फैसला कर लिया कि राम उजागिर पहले से शादी शुदा है। बहरहाल राम उजागिर उसे लेकर पंजाब रहने लगा। इस दौरान दोनों के दो बच्चियां क्रमश: नैंसी (2 वर्ष) तथा सोनू (8 माह) पैदा हुई। इधर एक वर्ष पूर्व राम उजागिर बीमार पड़ा तो पता चला उसे कैंसर है और लगभग 4 माह पूर्व वह चल बसा। राम उजागिर की मौत के बाद परिवार में रोजाना कलह मची और लगभग पखवारे भर पहले कथित तौर पर उजागिर के परिजनों ने उसे बाहर निकाल दिया। बच्चियों को लेकर वह भूखी प्यासी भटकती रही। सप्ताह भर पूर्व कुछ लोग उसे लेकर असहाय चेतना व संस्कार सेवा समिति के अध्यक्ष जमुना प्रसाद यादव से मिले। समिति के अध्यक्ष श्री यादव के मुताबिक वाकई दुर्गावती की हालत काफी दयनीय थी। हमने उसे सहारा दिया तथा दो दिनों बाद ही रुधौली बाजार में सैलून चलाने वाला नन्हे उससे शादी के लिए राजी हो गया। नन्हे भी शादी शुदा था लेकिन अब उसकी पत्नी नहीं है। बहरहाल रविवार को थाना परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत रूप में दोनों की शादी की गई।
अम्बेडकरनगर जिले के जोरिनियापट्टी निवासी दुर्गावती तीन वर्ष पूर्व सरपतहां थाना क्षेत्र के गैरवाह निवासी राज उजागिर से मिली। दोनों में प्रेम हुआ और दोनों ने साथ रहने का फैसला कर लिया। हालांकि दुर्गावती ने बिना इस बात की परवाह किए इतना बड़ा फैसला कर लिया कि राम उजागिर पहले से शादी शुदा है। बहरहाल राम उजागिर उसे लेकर पंजाब रहने लगा। इस दौरान दोनों के दो बच्चियां क्रमश: नैंसी (2 वर्ष) तथा सोनू (8 माह) पैदा हुई। इधर एक वर्ष पूर्व राम उजागिर बीमार पड़ा तो पता चला उसे कैंसर है और लगभग 4 माह पूर्व वह चल बसा। राम उजागिर की मौत के बाद परिवार में रोजाना कलह मची और लगभग पखवारे भर पहले कथित तौर पर उजागिर के परिजनों ने उसे बाहर निकाल दिया। बच्चियों को लेकर वह भूखी प्यासी भटकती रही। सप्ताह भर पूर्व कुछ लोग उसे लेकर असहाय चेतना व संस्कार सेवा समिति के अध्यक्ष जमुना प्रसाद यादव से मिले। समिति के अध्यक्ष श्री यादव के मुताबिक वाकई दुर्गावती की हालत काफी दयनीय थी। हमने उसे सहारा दिया तथा दो दिनों बाद ही रुधौली बाजार में सैलून चलाने वाला नन्हे उससे शादी के लिए राजी हो गया। नन्हे भी शादी शुदा था लेकिन अब उसकी पत्नी नहीं है। बहरहाल रविवार को थाना परिसर स्थित हनुमान मंदिर में विधिवत रूप में दोनों की शादी की गई।

