चुनाव में ईवीएम का प्रयोग हो बंद
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_9136.html
जौनपुर: इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाते हुए बहुजन मुक्ति
पार्टी ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मतदान में इसका उपयोग
बंद करने की मांग को लेकर छह सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी के जरिए राज्यपाल
को प्रेषित किया।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि 16वें लोकसभा चुनाव का परिणाम चौंकाने वाला आया है। बहुजन मुक्ति पार्टी ईवीएम के प्रयोग पर शंका व्यक्त करती है। तर्क दिया कि इस मशीन का उपयोग अमेरिका, जर्मनी, यूरोपियन राष्ट्र के साथ ही आस्ट्रेलिया में नहीं कराया जाता जबकि उक्त राष्ट्र टेक्नोलाजी में सबसे विकसित राष्ट्र हैं। भारत में इसका प्रयोग क्यों किया जा रहा है। इसे अतिशीघ्र बंद किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्ष 2010 में ईवीएम मशीन से चुनाव कराया गया और चुनाव बाद चुनाव आयोग की एम्स पर कमेटी गठित किया। कमेटी में भी यह निर्णय किया कि ईवीएम मशीन में फेरबदल हो सकता है। इसके बाद भी मशीन का प्रयोग लोकसभा चुनाव में किया गया। पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि चुनाव में जमकर धांधली की गई है।
प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबूराम यादव, रामानंद निषाद, रवि सिंह सोनकर, प्रीतम यादव, धर्मेद्र मौर्या, कमला यादव, तिलकधारी पटेल, संजय यादव, राम आसरे निषाद, मो.कादिर, विजय बहादुर गौतम, गुलाब यादव, जयसिंह यादव, राजेंद्र गौतम आदि रहे।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि 16वें लोकसभा चुनाव का परिणाम चौंकाने वाला आया है। बहुजन मुक्ति पार्टी ईवीएम के प्रयोग पर शंका व्यक्त करती है। तर्क दिया कि इस मशीन का उपयोग अमेरिका, जर्मनी, यूरोपियन राष्ट्र के साथ ही आस्ट्रेलिया में नहीं कराया जाता जबकि उक्त राष्ट्र टेक्नोलाजी में सबसे विकसित राष्ट्र हैं। भारत में इसका प्रयोग क्यों किया जा रहा है। इसे अतिशीघ्र बंद किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्ष 2010 में ईवीएम मशीन से चुनाव कराया गया और चुनाव बाद चुनाव आयोग की एम्स पर कमेटी गठित किया। कमेटी में भी यह निर्णय किया कि ईवीएम मशीन में फेरबदल हो सकता है। इसके बाद भी मशीन का प्रयोग लोकसभा चुनाव में किया गया। पार्टी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि चुनाव में जमकर धांधली की गई है।
प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाबूराम यादव, रामानंद निषाद, रवि सिंह सोनकर, प्रीतम यादव, धर्मेद्र मौर्या, कमला यादव, तिलकधारी पटेल, संजय यादव, राम आसरे निषाद, मो.कादिर, विजय बहादुर गौतम, गुलाब यादव, जयसिंह यादव, राजेंद्र गौतम आदि रहे।


