शिव एवं सावन पर धार्मिक-वैज्ञानिक परिचर्चा आयोजित
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जौनपुर। आदिदेव भगवान शिव ब्रह्माण्ड के सबसे अद्भुत रहस्यमय देवता है। उनके 3 नेत्र अल्फा, बीटा एवं गामा किरणों के साथ प्रोट्रान, इलेक्ट्रान, न्यूट्रान के प्रतीक है जिससे सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड व सृष्टि बनती है। बेल के 3 पत्ते सृष्टि के सत्व, तम एवं रजोगुण के प्रतीक हैं। गामा किरणें समस्त ब्रह्माण्ड की सबसे विध्वंसक किरणे हैं जो पल भर में सारे विश्व को जला सकती है। उक्त बातें शिव एवं सावन पर नगर के रिजवी खां मोहल्ले में बुधवार को आयोजित धार्मिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक परिचर्चा में ज्योतिष शिरोमणि डा. दिलीप सिंह ने कही। इसी क्रम में पीओ हरिकेश मिश्रा, ज्ञान कुमार, जनार्दन सिंह, पद्मा सिंह, डा. सुशील कुमार, वकार हुसैन सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि शिव और पार्वती सृष्टि के मूल हैं। संसार में सबके द्वारा त्याज्य, श्मशान, उसकी भस्म, हलहाल विष, सांप, भयानक भूत-प्रेत, धतूरा फल आदि को शिव-पार्वती देवी के साथ सहर्ष स्वीकारते हैं। इस अवसर पर अलका सिंह, शिवम, संजय, सोनल, शिप्रा, प्रेम प्रकाश मिश्रा, अखिलेश श्रीवास्तव, मनीष, सुनील, हेमलता, राकेश, डा. राहुल, अमरनाथ निषाद, राजेश यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
