ये पत्रकार हैं या चाटुकार
https://www.shirazehind.com/2014/10/blog-post_213.html
ये
दो तस्वीरें हिमाचल प्रदेश के जिला उना जिले की है. यहां के पत्रकारों की
चाटुकारिता का नमूना हैं ये तस्वीरें. चाटुकारिता में ये पत्रकार इतने घिर
गए कि इन लोगों को अपने पेशे की गरिमा का तनिक खयाल ही नहीं रहा. आखिर कैसे
इनसे उम्मीद की जाएगी कि ये निष्पक्ष पत्रकारिता का धर्म निभाएंगे. सत्ता
के चरणों में लोटने को आतुर इन पत्रकारों की करनी पर कलम के सच्चे
सिपाहियों का सिर शर्म से झुक गया है.
पहली तस्वीर में पत्रकार लोग किस तरीके से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ फोटो खिंचा रहे हैं, इसे आप देख सकते हैं. दूसरी तस्वीर में यही पत्रकार लोग हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ के साथ चरणों में लोटकर तस्वीर खिंचा रहे हैं. इन तस्वीरों को देखने के बाद पत्रकारिता के बारे में कुछ भी कहने की जरूरत है क्या? पत्रकारिता का क्षेत्र दोहरी मार से जूझ रहा है. संपादकों को कर्पोरेट ने शिखंडी और नपुंसक बना दिया है तो स्ट्रिंगरों-रिपोर्टरों को सत्ता ने अपनी मलाई चटाकर अपने चरणों में लोटने को मजबूर कर दिया है. ऐसे में सच्ची पत्रकारिता कौन करेगा और कराएगा? सभार - भड़ास 4 मीडिया
पहली तस्वीर में पत्रकार लोग किस तरीके से हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ फोटो खिंचा रहे हैं, इसे आप देख सकते हैं. दूसरी तस्वीर में यही पत्रकार लोग हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ के साथ चरणों में लोटकर तस्वीर खिंचा रहे हैं. इन तस्वीरों को देखने के बाद पत्रकारिता के बारे में कुछ भी कहने की जरूरत है क्या? पत्रकारिता का क्षेत्र दोहरी मार से जूझ रहा है. संपादकों को कर्पोरेट ने शिखंडी और नपुंसक बना दिया है तो स्ट्रिंगरों-रिपोर्टरों को सत्ता ने अपनी मलाई चटाकर अपने चरणों में लोटने को मजबूर कर दिया है. ऐसे में सच्ची पत्रकारिता कौन करेगा और कराएगा? सभार - भड़ास 4 मीडिया


