भदोही में ईंट भट्ठे से छत्तीसगढ़ के 17 बधुवा मजदूर मुक्त
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भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में मजिस्टेट की मौजूदगी में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त छापेमारी में रविवार को अपरान्ह तीन बजे के बाद ईंट भट्ठे पर छापेमारी कर छत्तीसगढ़ के 17 बधुवा मजदूरों को मुक्त कराया गया है। पुलिस ने भट्ठा संचालक के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं मंे मुकदमा पंजीकृत किया है। जिले मंे बाल और बधुवा मजूरी की समस्या आम है। लेकिन संबंधित विभाग आंखों पर पट्टी बांध रखता है। जिले में श्रम विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाता नहीं दिखता है। ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने बताया है कि गिरधरपुर गांव में मुनौगर अली के ईंट भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के विलासपुर के रहने वाले 17 बधुवा मजदूरों से मजदूरी करवाई जा रही है। आरोप है कि भट्ठा संचालक मजदूरों को कई महींने से बेगारी करवा रहा था श्रमिकों को उनके काम के बदले पैसा नहीं दिया जा रहा था। श्रमिकों का आरोप है कि पैसा मांग पर मजदूरों को धमकी दी जाती थी। पुलिस जब यह खबर मिली तो श्रम प्रवर्तन अधिकारी के साथ पुलिस ने गिरधरपुर गांव में ईंट भट्ठे पर छापा मारकर वहां से सभी 17 बधुवा मजदूरों को मुक्त कराया। इसमें एक किशोरी भी है। दावा किया गया है कि किशोरी के साथ यौन शोषण की कोशिश भी की गई। हलांकि पुलिस ने इस तरह की किसी बात से इनकार किया है। इस संयुक्त छामेमारी मजिस्टेट, श्रम प्रवर्तन अधिकारी विभाग के लोगों के साथ पुलिस टीम शामिल थी। कोतवाल रमेश पांडेय ने बताया है कि भट्ठा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिले में बधुवा मजदूरों संबंधित यह दूसरी बड़ी घटना है। इसके पहले कालीन के लिए विख्यात भदोही नगर में एक कालीन कारखाने से दो दर्जन बाल श्रमिकों को एडीएम भदोही और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में हिरासत में लिया गया था। श्रम विभाग की लापरवाही यहां उजागर हुई थी। इस संबंध में संबंधित आलाधिकारी को निलंबित भी कर दिया गया था।
