372 में सिर्फ 34 भट्ठा मालिकों ने जमा की रायल्टी
https://www.shirazehind.com/2014/12/372-34.html
जौनपुर। जिले के 372 में सिर्फ 34 भट्ठा मालिकों ने ही अभी तक अपनी
रायल्टी जमा की है। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार
कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद रायल्टी जमा न करने वाले भट्ठा मालिकों
के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
अक्टूबर से ही भट्ठा मालिक ईट बनाने के लिए मिट्टी एकत्र करवा रहे हैं, जबकि शासन का आदेश है कि बगैर रायल्टी (सरकारी शुल्क) जमा किए ईट बनाने के लिए मिंट्टी एकत्र नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उन्हे पावा के हिसाब से शुल्क जमा करना पड़ता है जिसका शासन स्तर से निर्धारण भी किया गया है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष जिले में 372 भट्ठा पंजीकृत है। चालू वर्ष में अब तक सिर्फ 34 ने ही रायल्टी जमा किया। बाकी मालिकों ने बगैर रायल्टी जमा किए ही ईट बनाने के लिए मिंट्टी एकत्र करवाना शुरू कर दिए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अब जिला प्रशासन ने ऐसे भट्ठा मालिकों के खिलाफ कार्यवाही के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एडीएम गंगाराम गुप्ता के नेतृत्व में रिपोर्ट तैयार कराने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीएम ने एक दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में भट्ठा मालिकों से रायल्टी जमा करने का निर्देश भी दिए।
इस बाबत एडीएम ने बताया कि पिछले वर्ष पंजीकृत भट्ठों में कुछ बंद हो गए होंगे। लेखपालों से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसके बाद रायल्टी न जमा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
अक्टूबर से ही भट्ठा मालिक ईट बनाने के लिए मिट्टी एकत्र करवा रहे हैं, जबकि शासन का आदेश है कि बगैर रायल्टी (सरकारी शुल्क) जमा किए ईट बनाने के लिए मिंट्टी एकत्र नहीं किया जा सकता है। इसके लिए उन्हे पावा के हिसाब से शुल्क जमा करना पड़ता है जिसका शासन स्तर से निर्धारण भी किया गया है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष जिले में 372 भट्ठा पंजीकृत है। चालू वर्ष में अब तक सिर्फ 34 ने ही रायल्टी जमा किया। बाकी मालिकों ने बगैर रायल्टी जमा किए ही ईट बनाने के लिए मिंट्टी एकत्र करवाना शुरू कर दिए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अब जिला प्रशासन ने ऐसे भट्ठा मालिकों के खिलाफ कार्यवाही के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एडीएम गंगाराम गुप्ता के नेतृत्व में रिपोर्ट तैयार कराने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीएम ने एक दिन पूर्व हुई समीक्षा बैठक में भट्ठा मालिकों से रायल्टी जमा करने का निर्देश भी दिए।
इस बाबत एडीएम ने बताया कि पिछले वर्ष पंजीकृत भट्ठों में कुछ बंद हो गए होंगे। लेखपालों से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसके बाद रायल्टी न जमा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
