कृष्ण की माखन चोरी श्वेत क्रांति का बिगुल
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जौनपुर। कृष्णावतार में माखन चोरी भगवान कृष्ण की श्वेत क्रांति का
बिगुल है। दूध के वास्तविक महत्व को उन्होंने उसी समय समझा दिया था। यह बातें स्थानीय पुरा अंधरी (मुबारकपुर) गांव में विनोद कुमार
चतुर्वेदी के आवास पर मंगलवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भदोही
से आए कथा वाचक आचार्य रामजीत तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि गायों को
चराने के लिए ग्वाले जंगल में जाते थे। गायों के दूध उनके माता-पिता मथुरा
में बेच आते थे। दूध का उपयोग कर राक्षस बलवान हो रहे थे इसलिए दूध, दही और
माखन राक्षसों तक न पहुंचे। श्री कृष्ण ने माखन चोरी की लीला की। कंस के
कारागार में जन्म लेकर कृष्ण ने संदेश किया कि मैं जन्म से ही संघर्ष में
रहा। तब भी मैं मुस्कराता रहा। लोगों के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।
इससे विचलित हुए बिना सतमार्ग पर चलते हुए अपना कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आसुरी प्रवृत्तियों का जब-जब उत्थान होता है। सज्जन लोग
परेशान होते हैं। तब उन शक्तियों के विनाश के लिए प्रभु का अवतार होता है।
लोगों को प्रभु पर विश्वास करना चाहिए। इससे कल्याण निश्चित है।
इस अवसर पर प्रमोद चतुर्वेदी, डा अरुण कुमार चतुर्वेदी, अवधेश चंद्र भारद्वाज, अरविंद चौबे, अखिलेश चंद्र, बसंता यादव, रामकृष्ण, विवेकानंद आदि रहे।
इस अवसर पर प्रमोद चतुर्वेदी, डा अरुण कुमार चतुर्वेदी, अवधेश चंद्र भारद्वाज, अरविंद चौबे, अखिलेश चंद्र, बसंता यादव, रामकृष्ण, विवेकानंद आदि रहे।
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