नैक संस्थान व शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने का एक माध्यम
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला ’’गुणवत्तापरक उच्चशिक्षा एवं नैक मूल्यांकन’’ के दूसरे दिन नैक मूल्यांकन समस्या एवं निस्तारण पर नैक के प्रतिनिधि प्रो0 एस0 पी0 गौतम ने विभिन्न महाविद्यालयों से आये प्राचार्यों के साथ वार्ता की। प्रो0 गौतम ने नैक व उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैक संस्थान व शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने का एक माध्यम है। उन्होने नैक द्वारा प्रदत्त समस्त मापदण्डों एवं उनके अन्तर्गत आने वाले विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की एव शैक्षणिक कैलेन्डर, शिक्षण प्रविधि, छात्र सहभागिता, सामाजिक सरोकार, छात्र उन्नयन, शोध, आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ की भूमिका पर प्रकाश डाला,। इस अवसर पर डा0 रवि शकर, डा0 राज कुमार गुप्ता, डा0 बी0के0 त्रिपाठी, डा0 अवधेश कुमार इत्यादि, उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने महाविद्यालयों की परिस्थिति एवं समस्याओं व उनके संभावित निस्तारण के बारे में विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन आन्तरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ सेल के प्रभारी डा0 मानस पाण्डेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा0 अजय द्विवेदी ने किया इस अवसर पर प्रो. वी0के0 सिंह, डा0 एच0सी0 पुरोहित, डा0 आशुतोष सिंह, डा0 मनोज मिश्र, डा0 अवध विहारी सिंह, डा0 सुरजीत यादव, नीरज कुमार, विनोद तिवारी, डी0पी0 घिल्डीयाल, अनुपम कुमार सहित महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें

