बीएड में जानवरों के प्रयोग पर प्रतिबंध

 जौनपुर।  पूर्वाचल विश्वविद्यालय में में बीएड विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी अब प्रयोगात्मक कार्य में जानवरों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय मंगलवार को विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में लिया गया। साथ ही विज्ञान वर्ग में मनोविज्ञान, भूगोल व कला वर्ग में गणित विषय को शामिल करने के लिए समिति गठित की गई।
बीएड पाठ्यक्रम में विज्ञान वर्ग की प्रायोगिक परीक्षा में पहले जानवरों का प्रयोग होता था। फिलहाल इसका प्रयोग विश्वविद्यालय के किसी कालेज में नहीं होता। इस पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नई दिल्ली का पत्र भी आया था जिसके बाद यह निर्णय हुआ कि बीएड पाठ्यक्रमों में जानवरों के प्रयोग पर आजीवन प्रतिबंध लगा रहेगा। स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण हो जाने के बाद तीसरे वर्ष में छोड़े गए विषय की पढ़ाई छात्र कर सकते हैं। इसके लिए उसे प्राइवेट नाम लिखाना होगा। शारीरिक शिक्षा पाठ्यक्रम के अंर्तगत पंजीकृत शोधार्थियों को उसी विषय में उपाधि दी जाएगी।
इंजीनियरिंग के छात्रों का बैक पेपर के कारण परीक्षा परिणाम घोषित न होने के मामले में डीन व संबंधित विभागाध्यक्ष की कमेटी बनाई जाएगी। वहीं यूजीसी रेगूलेशन एक जून 2009 व भारत सरकार के गजट 17 जुलाई 2009 के विभिन्न विषयों की शोध उपाधि को निर्णयानुसार प्रमाण-पत्र जारी करने की सहमति बनी। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पत्र पर कश्मीरी छात्रों के विश्वविद्यालय में प्रवेश पर दस फीसद छूट की सहमति प्रदान की गई।
दंत चिकित्सा विज्ञान विभाग के पाठ्यक्रम के लिए अब पूर्वाचल विश्वविद्यालय से पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा।
इस मौके पर कुलपति प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल, कुलसचिव बीके पांडेय, प्रो.डीडी दूबे, कुलसचिव बीके पांडेय, डा.माधुरी सिंह, डा.रमेश सिंह, लालजी त्रिपाठी, डा.इश्तियाक, डा.आलोक सिंह, प्रो.बीबी तिवारी, प्रो.बीके सिंह, फूलचंद सिंह, एसएन त्रिपाठी, अनिल कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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