आशाओं व प्रधानों के लिये अभिमुखीकरण कार्यशाला आयोजित
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जौनपुर। बाल विकास एवं पुष्ठाहार विभाग द्वारा आयोजित महिला प्रधानों, कार्यकत्रियों, आशाओं व एनजीओ की अभिमुखीकरण कार्यशाला राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत सिंगरामऊ में आयोजित हुई जहां जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जन्म के समय यदि बच्चे का वजन 2.5 किग्रा से कम है तो समझिये वह कुपोषित है। पोषाहार को लड्डू, हलुआ आदि रूपों में रूचिकर बनाकर बच्चों को खिलाया जाय। पोषाहार के लाभार्थियो तक नियमित वितरण, बच्चों का प्रत्येक माह मे वजन लेने व सही तरीके से उसका ग्रोथ चार्ट में अंकन करने का निर्देश दिया। ठाकुरबाड़ी संस्था की प्रबन्धक डा. अंजू सिंह ने विशेष सचिव को स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुये राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत अपने एनजीओ के योगदान की चर्चा किया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश यादव ने महिलाओं को एनीमिया से बचने, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों की जांच करके उन्हें दवा आदि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकारी पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने हेतु महिलाओं की महती भूमिका है। उन्होंने ग्राम प्रधानों को 10 हजार रूपये का स्वास्थ्य के सम्बन्ध में दिये गये बजट का सद्प्रयोग कुपोषण में व्यय करें। विशेष सचिव श्री निवासु लू ने कहा कि जौनपुर बाल विकास विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यक्रम अन्य जनपदों से भिन्न है। इस अवसर पर सीडीओ, सीएमओ, सीडीपीओ सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

