मोअल्लिम उर्दू डिग्री धारकों ने दिया धरना
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जौनपुर। मोअल्लिम उर्दू डिग्री धारकों को सहायक अध्यापक उर्दू के पद नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया गया तथा मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा गया। सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा वादा किया था कि उर्दू मोअल्लिम धारक को टीईटी पास होने के उपरान्त नियुक्ति दी जायेगी लेकिन बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका को आधार बनाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ करने में असमर्थता जतायी जबकि विभाग को यह संज्ञान में लेना चाहिए कि उच्च न्यायालय मंे योजित याचिका में जारी विज्ञापन में चुनौती दी गयी है और न्यायालय द्वारा इसी विज्ञापन की कार्यवाही रोकी गयी है। उन्होने कहा कि उर्दू अध्यापक के 3350 पद प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये हैं पूर्व मोअल्लिम डिग्री धारकों की संख्या 6 हजार के करीब है। समाजवादी सरकार की मंशा सदैव उर्दू के प्रति उदारवादी रही है जब भी सूबे में सपा सत्ता में आयी उर्दू को रोजी रोटी से जोड़ने का काम किया। 1995 में सपा सरकार ने मोअल्लिम डिग्री धारकों को उच्च न्यायालय में याचिका लम्बित 550 उर्दू अध्यापकों की नियुक्ति की गयी। सरकार अपने वादे के अनुसार शीघ्र नियुक्ति करे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि टीईटी पास मोअल्लिम डिग्री धारकों की नियुक्ति के लिए उच्च न्यायालय में इस आशय का शपथ पत्र दाखिल किया जाना चाहिए जो मुकदमालड़ने को इच्छुक हो उनके पद को आरक्षित करते हुए न्यायालय के निर्णय होने तक उनकी नियुक्ति पर विचार किया जाय। इस अवसर पर जकिया मेहदी, मोहम्मद हलीम, अयाज अहमद, जमालुद्दीन, मोहम्मद हैदर, आफताब आलम, रूबीना परवीन, अरशद अब्बास, तसनीक हैदर आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
