लालसा से मिलते हैं भगवान : दिव्य मुरारी
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मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर)। अयोध्या धाम से आये संत दिव्य मुरारी बाबू ने कहा भागवान को प्राप्त करने में इंसान में लालसा होनी चाहिए । साधक की साधना में दृढ इच्छा शक्ति व जिज्ञासा बिना प्रभु का दर्शन व मिलाप मुश्किल है उक्त बारे में उन्होने मुॅगराबादशाहपुर के सृष्टि पैलेस में आयोजित विष्णु पुराण कथा के प्रथम दिन प्रवचन के दौरान कही । उन्होने 18 पुराणों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि सभी सनातन व अनादि हैं । जिन महा पुरूषों ने इसकी व्याख्या किया हैं ऐसा नही वे इसकी रचना कार थे । बाल्कि उन तपस्वी महा पुरूषों के निर्मल मन के स्मरण से उनके अंत करण में पुराण से सम्बन्धित भाव प्रकट हो गये थे । आगे संत जी ने कथाओं के महत्व को बताते हुए कहा कि सनातन से आज तक इसका महत्व होता चला आ रहा है । धर में श्री मद; भागवत तथा राम चरित मानस सरीके ज्ञानमयी तथा चरित्र निर्माण के पुस्तक पढनें व उसे सुनने नही बल्कि उसे हदयंगम करने तथा जीवन मे उतारने से सकरात्मक प्रभाव डालता है मुख्य रूप् से चेयर मैन कपिल मुनि सुरेश सोनी संगमलाल गुप्त राहुल गुप्त जितेश मोदनवाल माता प्रसाद चैरसिया ओम प्रकाश अश्वनी कुमार गुप्त कामता विश्वामित्र हदय नारायण मुन्ना कृष्ण गोपाल जायसवाल शिव प्रसाद गुप्त आदि थे ।

