मणिपुर में जौनपुर के 100 परिवार दहशत में
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जौनपुर। मणिपुर की राजधानी इम्फाल के आस पास जौनपुर जनपद के करीब 100 परिवार महीनों से अनेक दुश्वारियां झेल रहे हैं। न तो उनकी दुकानें खोलने दी जा रही है और न ही सामान खरीद पा रहे है। बाहर निकलने पर उन्हे देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के हमले का शिकार होना पड़ेगा इसलिये वे घरों में बन्द होकर वे सिर्फ ऊपर वाले और केन्द्र सरकार से सुरक्षाा की गुहार लगा रहे है। जिले के खुटहन थाना क्षेत्र के अंगुली गांव निवासी धर्मेन्द्र का परिवार वहां 1980 से है और वह मोटर पार्टस का काम करता है। उसके साथ मां, बहन, पत्नी तथा एक बच्ची है। धर्मेन्द ने फोन पर बताया कि वह इम्फाल से 100 किलोमीटर दूर मोेरे नामक इलाके में रहता है और इसी प्रकार जौनपुर के करीब 100 परिवार रहते है। उसका कहना है कि यहां 1951 के बाद रहने आये लोगों को भगाया जा रहा है। उनकी दुकाने नहीं खोलनी दी जा रही है। कहीं बाहर जाने पर जान का खतरा है। हालत इतने बिगड़ गये हैं कि उन्हे सब्जी वाला भी सामान नहीं दे रहा है। उनका घरों से सामान निकालकर फेका जा रहा है। कोई सुरक्षा की व्यवस्था भी नहीं है। राजनीतिक दल और सुरक्षा कर्मी भी उनकी उपेक्षा कर रहे है। अब उनके सामने जीने मरने की समस्या आ गयी है। रात में मौत का खौफ उन्हे सोने नहीं देता। धन्धा भी बन्द हो चुका है अब तो भोजन की भी समस्या पैदा हो रही है।
