नारी सम्मान से समाज को मिलती है नई दिशा
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बदलापुर (जौनपुर): स्वामी प्रेमदास रामायणी महराज ने कहा है कि जिस घर में नारी का सम्मान नहीं होता है वहां देवताओं की पूजा निरर्थक की जाती है। नारी के सम्मान से ही समाज को नई दिशा मिल सकती है। वे गुरुवार को क्षेत्र के बलुआ गांव में चल रही मानस कथा में श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पुत्री सदैव दो कुलों को पवित्र करती है। इसलिए चाहे वे मायके में रहे या ससुराल में, हमेशा सम्मान की ²ष्टि से देखना चाहिए। उन्होंने दहेज पर कुठाराघात करते हुए कहा कि दहेज लेना और देना दोनों पाप है। अगर दहेज देकर विवाह किया गया है तो सदैव यह मानकर चलें कि उस घर में धन का सम्मान है नारी का नहीं। श्री महाराज ने कहा कि मां जानकी के विवाह में भी धन-दौलत के बजाय शक्ति परीक्षण द्वारा ही विवाह हुआ था। उन्होंने कहा कि सावन मास में भगवान शिव की आराधना अवश्य करनी चाहिए। इस अवसर पर भइयालाल तिवारी, विपिन ¨सह, अम्ब्रीश गुप्त, प्रमोद तिवारी आदि उपस्थित रहे।

