उत्तर प्रदेश में IAS - IPS अधिकारियों को भी लगने लगा है डर:प्रमुख सचिव
https://www.shirazehind.com/2015/08/ias-ips.html
जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव सार्वजनिक उद्यम विभाग सूर्य प्रताप सिंह आज जौनपुर में एक बार फिर खुलकर अपने दिल का भड़ास निकाला। उन्होने साफ कहा कि मौजूदा समय में किसान बेहाल परेशान हो गया है कानून व्यवस्था ऐसा हो गया है कि प्रदेश हर चौराहे पर दुशासन और दुर्योधन खड़ा है आईएस आईपीएस अधिकारी भी डरने लगा है। सरकार में चालिस प्रतिशत आपराधी विधायक है इतने ही फीसदी मंत्री है।
सूर्य प्रताप सिंह आज जौनपुर में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने लिए आये थे। डाकबंगला पर पत्रकारो से बातचीत में उन्होने खुलकर कहा कि अतिबृष्टि से छति हुई किसानो के फसलो का मुआवजा अभी मात्र 33 प्रतिशत मिला है 2014 का सूखा राहत का एक भी पैसा किसानो को नही दिया गया है। गन्ना किसानो का करोड़ो रूपये सरकार पर बकाया है।
श्री सिंह ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हर चौराहे पर दुशासन और दुर्योधन खड़ा है। मां बेटिया घर से बाहर निकलती है यह गारन्टी नही होती कि वे सुरक्षित घर लौट पायेगी या नही। हालात इतने नाजुक है कि आज आईएएस आईपीएस अधिकारी भी डरते है।
प्रमुख सचिव ने यमुना एक्सप्रेस वे का विरोध करते हुए कहा कि बीस हजार करोड़ रूपये क्यो खर्च किया जा रहा जब कि उस जगह दो नेशनल हाईवे है उनको सुधारने में मात्र पांच सौ करोड़ रूपये लगेगा। बाकी बचे पैसे लखनऊ वाराणसी होते हुए बलिया तक की सड़क बनायी जा सकती है। उन्होने इस मार्ग पर आने जाने वाले नेताओ मंत्रियो और अधिकारियों से सवाल किया कि क्या उन्हे एनएच 56 की दुर्दशा नही दिखाई देती।
उन्होने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यमुना एक्सपे्रस वे बनने से पहले सरकार जुड़े दलालो ने औने पौने दामो में खरीद लिया उसके बाद सरकार को चार गुना दामो में बेच कर करोड़पति बन गये।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी में आम आदमी के लिए अलग कानून है अमिर आदमी के लिए अलग कानून है। यहां वेगैर जुगाड़ के थाने में एफआईआर नही लिखी जाती है छोटी छोटी समस्यओं के लिए जुगाड़ लगाना पड़ता है साथ रिश्वत देना पड़ता है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जब इन समस्याओं के निदान की बात करते है तो कहा जाता है कि मै नेतागिरी कर रहा हूं। उन्होने कहा अगर नेतागिरी बुरी बात है तो जो लोग राजनीत करते है तो वे छोड़ दे।
उत्तर प्रदेश में राजनेता बनने के लिए स्कूल माफिया होना चाहिए खनन माफिया होना चाहिए पचास गुण्डे होना चाहिए चार पांच करोड़ रूपये होना चाहिए पांच लग्जरी गाडि़या होना चाहिए । इसके बाद पैसे के बल टिकट लेकर सांसद विधायक बन सकेगें।
अंत में प्रमुख सचिव ने कहा कि इस प्रदेश में तो आईएएस अधिकारी और आईपीएस अधिकारी को भी डर लगने लगा है। इससे आप समझ सकते है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था का क्या हाल है।
सूर्य प्रताप सिंह आज जौनपुर में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने लिए आये थे। डाकबंगला पर पत्रकारो से बातचीत में उन्होने खुलकर कहा कि अतिबृष्टि से छति हुई किसानो के फसलो का मुआवजा अभी मात्र 33 प्रतिशत मिला है 2014 का सूखा राहत का एक भी पैसा किसानो को नही दिया गया है। गन्ना किसानो का करोड़ो रूपये सरकार पर बकाया है।
श्री सिंह ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हर चौराहे पर दुशासन और दुर्योधन खड़ा है। मां बेटिया घर से बाहर निकलती है यह गारन्टी नही होती कि वे सुरक्षित घर लौट पायेगी या नही। हालात इतने नाजुक है कि आज आईएएस आईपीएस अधिकारी भी डरते है।
प्रमुख सचिव ने यमुना एक्सप्रेस वे का विरोध करते हुए कहा कि बीस हजार करोड़ रूपये क्यो खर्च किया जा रहा जब कि उस जगह दो नेशनल हाईवे है उनको सुधारने में मात्र पांच सौ करोड़ रूपये लगेगा। बाकी बचे पैसे लखनऊ वाराणसी होते हुए बलिया तक की सड़क बनायी जा सकती है। उन्होने इस मार्ग पर आने जाने वाले नेताओ मंत्रियो और अधिकारियों से सवाल किया कि क्या उन्हे एनएच 56 की दुर्दशा नही दिखाई देती।
उन्होने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यमुना एक्सपे्रस वे बनने से पहले सरकार जुड़े दलालो ने औने पौने दामो में खरीद लिया उसके बाद सरकार को चार गुना दामो में बेच कर करोड़पति बन गये।
सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी में आम आदमी के लिए अलग कानून है अमिर आदमी के लिए अलग कानून है। यहां वेगैर जुगाड़ के थाने में एफआईआर नही लिखी जाती है छोटी छोटी समस्यओं के लिए जुगाड़ लगाना पड़ता है साथ रिश्वत देना पड़ता है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जब इन समस्याओं के निदान की बात करते है तो कहा जाता है कि मै नेतागिरी कर रहा हूं। उन्होने कहा अगर नेतागिरी बुरी बात है तो जो लोग राजनीत करते है तो वे छोड़ दे।
उत्तर प्रदेश में राजनेता बनने के लिए स्कूल माफिया होना चाहिए खनन माफिया होना चाहिए पचास गुण्डे होना चाहिए चार पांच करोड़ रूपये होना चाहिए पांच लग्जरी गाडि़या होना चाहिए । इसके बाद पैसे के बल टिकट लेकर सांसद विधायक बन सकेगें।
अंत में प्रमुख सचिव ने कहा कि इस प्रदेश में तो आईएएस अधिकारी और आईपीएस अधिकारी को भी डर लगने लगा है। इससे आप समझ सकते है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था का क्या हाल है।

