9 अक्टूबर से होंगे पंचायत चुनाव, करीब 11 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट
https://www.shirazehind.com/2015/09/9-11.html
यूपी में पंचायत चुनावों का एलान हो गया है। चुनाव चार चरणों में होंगे।
पहले चरण का चुनाव का 9 अक्टूबर को होगा। वहीं दूसरे, तीसरे और चौथे चरण
का चुनाव क्रमश: 13, 17 और 29 अक्टूबर को होगा। इन चुनावों में होने वाली
वोटिंग के लिए एक लाख 78 हजार 588 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। जिला और क्षेत्र
पंचायत के करीब 80 हजार सदस्य पद के लिए होने वाली वोटिंग की काउंटिंग 1
नवंबर को की जाएगी। क्षेत्र पंचायत के 77 हजार 576 और जिला पंचायत के 3012
सदस्यों का चुनाव होना है। लोग अपने मताधिकार का प्रयोग सुबह 7 बजे से 5
बजे तक कर सकेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही यूपी में आदर्श आचार संहिता
लागू हो गई।
राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि चुनाव को पारदर्शी
बनाने के लिए पहली बार वीडियोग्राफी कराई जाएगी। करीब 11 करोड़ 36 लाख वोटर
इस बार के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव में कुल 11
करोड़ 36 लाख मतदाता हैं। इनमें 53.33 फीसदी पुरूष और 46.67 फीसदी महिला
मतदाता हैं। वहीं, करीब 51.5 फीसदी वोटर युवा हैं। उन्होंने बताया कि
चुनाव में 2 करोड़ 13 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं। इसके अलावा 1 करोड़ 84
लाख 96 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
खर्च की सीमा बढ़ाई गई
बीते 2010 के क्षेत्रीय चुनावों में उम्मीदवार के खर्च की सीमा 25 हजार रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है। वहीं, जिला पंचायत के चुनावों में खर्च की सीमा 75 हजार थी, जिसे बढ़ाकर 1.5 लाख कर दिया गया है।
बीते 2010 के क्षेत्रीय चुनावों में उम्मीदवार के खर्च की सीमा 25 हजार रुपए थी, जिसे अब बढ़ाकर 75 हजार कर दिया गया है। वहीं, जिला पंचायत के चुनावों में खर्च की सीमा 75 हजार थी, जिसे बढ़ाकर 1.5 लाख कर दिया गया है।
तैनात की जाएंगी इतनी पुलिस फोर्स
चुनावों में हिंसा को देखते हुए काफी पुलिसफोर्स भी तैनात की जा रही है। इसमें जिला पुलिस के 70 फीसदी जवानों को ड्यूटी पर, जबकि 30 फीसदी जवानों को लॉ एंड ऑर्डर संभालने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, 150 सीनियर अफसरों को पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया जाएगा, जिनमें 100 सीनियर आईएस और 50 सीनियर पीसीएस शामिल हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से 50 और अफसरों के नाम मांगे हैं। इसके अलावा 139 कंपनी पीएसी को भी तैनात किया जाएगा। साथ ही शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए करीब 93 हजार होमगार्ड, एक लाख से ज्यादा चौकीदार और 13 हजार पीआरडी के जवानों की मदद ली जाएगी। इंटरडिस्ट्रिक्ट पुलिस और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स से तैनात पुलिसकर्मी और ट्रेनीज को भी ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
चुनावों में हिंसा को देखते हुए काफी पुलिसफोर्स भी तैनात की जा रही है। इसमें जिला पुलिस के 70 फीसदी जवानों को ड्यूटी पर, जबकि 30 फीसदी जवानों को लॉ एंड ऑर्डर संभालने की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, 150 सीनियर अफसरों को पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया जाएगा, जिनमें 100 सीनियर आईएस और 50 सीनियर पीसीएस शामिल हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से 50 और अफसरों के नाम मांगे हैं। इसके अलावा 139 कंपनी पीएसी को भी तैनात किया जाएगा। साथ ही शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए करीब 93 हजार होमगार्ड, एक लाख से ज्यादा चौकीदार और 13 हजार पीआरडी के जवानों की मदद ली जाएगी। इंटरडिस्ट्रिक्ट पुलिस और पुलिस ट्रेनिंग सेंटर्स से तैनात पुलिसकर्मी और ट्रेनीज को भी ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

