पुस्तक प्रदर्शनी में उमड़ रही है भीड़
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय
के विवेकानन्द केंद्रीय पुस्तकालय में तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी के
दूसरे दिन शुक्रवार को लगभग पांच सौ से भी अधिक लोगों ने पुस्तकों का
अवलोकन किया। साथ ही अच्छे प्रकाशन की पुस्तकों को विद्यार्थी एवं शिक्षक
सूचीबद्ध करते दिखे। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की काफी भीड़ उमड़ी थी।
इंजीनियरिंग संस्थान, प्रबंध अध्ययन संकाय, विज्ञान संकाय एवं सामाजिक
विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों में अपने विषय की कुछ नई किताबों के देखकर
पढ़ने की होड़ थी। शनिवार को इस पुस्तक प्रदर्शनी का अंतिम दिन है।
इंजीनियरिंग
संस्थान के इलेक्ट्रिकल विभाग के अध्यक्ष डा. रजनीश भाष्कर ने कहा कि यह
पुस्तक मेला विश्वविद्यालय की अच्छी सोच है जिसमें इंजीनियरिंग के सभी
विभागों से संबंधित किताबों का संग्रह उपलब्ध है। इससे शिक्षक और छात्र
दोनों लाभान्वित होंगे।
मीराबाई छात्रावास
की वार्डेन डा. रूश्दा आजमी ने बताया कि एक मंच पर देश के बड़े बड़े
प्रकाशकों के एकत्र होने से महत्वपूर्ण पुस्तकों का अवलोकन हुआ है। जिससे
निश्चित ही हम सबके ज्ञान के भंडार में वृद्धि होगी।
फार्मेसी
संस्थान के प्राध्यापक आलोक कुमार दास ने कहा कि इतनी प्रचुर मात्रा में
पुस्तकों को देखने से अच्छी अनुभूति हो रही है। एक ही विषय की पुस्तकों को
अलग-अलग पब्लिकेशन के माध्यम से खोज कर पढ़ना काफी खुशी देता है।
विज्ञान
संकाय के प्राध्यापक डा. कार्तिकेय कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदर्शनी ने
छात्र छात्राओं में पठन पाठन की अभिरूचि जगाने का काम किया है। यह एक
सकारात्मक कदम है। इस आयोजन ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नये विचारकों
के दृष्टांतों से रूबरू होने का अच्छा अवसर दिया है।
जनसंचार
विभाग के प्राध्यापक डा. सुनील कुमार ने कहा कि जिस तरह से मीडिया के
क्षेत्र में नये-नये बदलाव आ रहे है, उस हिसाब से पुस्तकें बाजार में
उपलब्ध नहीं रहती। आज एक छत के नीचे पुस्तक मेले में मीडिया की पुस्तकों को
एक साथ देखकर अच्छी अनुभूति हो रही है। विश्वविद्यालय को इस तरह के
सकारात्मक प्रयास और भी करने चाहिए जिससे विद्यार्थी और शिक्षक दोनों का
झुकाव पुस्तकालय और पुस्तक की ओर बढ़े।
पत्रकारिता
के प्राध्यापक डा. अवध बिहारी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित यह
पुस्तक प्रदर्शनी एक बेहतरीन प्रयास है। इससे छात्रों और अध्यापकों को
विभिन्न लेखकों द्वारा लिखित अनेक उत्कृष्ट पुस्तकें देखने एवं पढ़ने का
अवसर उपलब्ध हुआ है। इससे निश्चित रूप से शिक्षकों और छात्रों का
ज्ञानवर्धन होगा।
प्रबंध अध्ययन संस्थान के
छात्र अवनीश पाण्डेय ने कहा कि अभी तक मैंने इस तरह की पुस्तक प्रदर्शनी
नहीं देखी। मैं आज सुबह से ही पुस्तकों को पढ़ रहा हूं। बहुत अच्छा अनुभव
रहा है।
बीटेक की छात्रा विनम्रता यादव ने
बताया कि हमारी इंजीनियरिंग विषय की कई पुस्तकों को मैंने इस पुस्तक
प्रदर्शनी में पढ़ा है जो कि मुझे पहले देखने को नहीं मिली थी। यह हम सभी
विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है।
जनसंचार
विभाग के छात्र शुभांशू जायसवाल ने कहा कि यदि ऐसी पुस्तक प्रदर्शनी लगती
रहे तो हम युवाओं का रूझान पुस्तकों के प्रति तेजी से होगा। डिजिटल मीडिया
के चलते हम लोगों की पुस्तकों में रूचि कम हो गयी थी। हमें यहां काफी
अच्छी किताबें पढ़ने व देखने को मिली।
एमएससी
माइक्रोबाॅयलाॅजी की छात्रा सुम्बुल नदीम ने बताया कि यहां पर पुस्तकों का
जखीरा देखकर बहुत गौरव महसूस हुआ। पाठ्यक्रम के अलावा व्यक्तित्व विकास
एवं विभिन्न महापुरूषों की कथाएं तथा लेखकों के विचार वाली पुस्तकों को
पढ़कर बहुत अच्छा लग रहा है।
विश्वविद्यालय
की छात्रा शायली मौर्या ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय की यह पहल बहुत
बेहतरीन है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों तक इन पुस्तकों को
पुस्तकालय के माध्यम से पहुंचाया जाना एक सकारात्मक प्रयास हैै।
जनसंचार
विभाग की छात्रा श्रेष्ठा सिंह ने कहा कि इस पुस्तक मेले में हम सभी के
ज्ञान में निश्चित रूप से वृद्धि की है। ऐसे आयोजन हमेशा होने चाहिए।
छात्र
धर्मपाल यादव ने कहा कि आज इंटरनेट और ई-बुक के दौर में भी किताबों का
अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है। आज दिन भर पुस्तकों को पढ़कर ऐसा लगा। हमें
अपने विश्वविद्यालय पर गर्व है।
विवेकानंद
केंद्रीय पुस्तकालय में चल रही प्रदर्शनी के आयोजन व्यवस्था में मानद
पुस्तकालयाध्यक्ष डा. मानस पाण्डेय, डा. विद्युत मल्ल, अवधेश प्रसाद,
द्विजेन्द्र उपाध्याय आदि का सक्रिय योगदान रहा।

