ऐतिहासिक पंडित जी रामलीला समिति की बैठक सम्पन्न
https://www.shirazehind.com/2015/09/blog-post_82.html
रावण दहन स्थल पर कब्जे की शिकायत के लिये बनी महासमिति
सोमवार को जिलाधिकारी से मिलेगा महासमिति का प्रतिनिधिमण्डल
जौनपुर। ऐतिहासिक पंडित जी रामलीला समिति की बैठक रविवार को नखास स्थित नवदुर्गा शिव मंदिर के प्रांगण में सम्पन्न हुई जहां अध्यक्ष किशन हरलालका की अध्यक्षता में कई बिन्दुओं पर विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर सर्वप्रथम पिछले कार्य की पुष्टि करने के साथ रामायण एवं रामलीला शुरू कराने पर विचार हुआ। तत्पश्चात् रामलीला पर्दे पर कराने की बात कहते हुये भरत मिलाप के लिये चैकी मंगाने पर चर्चा हुई। इसी क्रम में भरत मिलाप पर सजावट व्यवस्था और सुन्दर कराने की बात कहते हुये अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर वार्ता हुई। इस दौरान सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि रावण दहन स्थल पर अवैध कब्जे की शिकायत करने के लिये सोमवार को प्रतिनिधिमण्डल जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराते हुये कार्यवाही करने की मांग करेगा। अन्त में उपरोक्त समस्या सहित अन्य बिन्दुओं के लिये पंडित जी रामलीला समिति, गोसाई जी रामलीला समिति और राजा हवेली को मिलाकर ‘रामलीला महासमिति’ बनाने की बात कही गयी जिस पर उपस्थित सभी लोगों ने समर्थन किया। बताया गया कि यही महासमिति जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकरियों से मिलकर रावण दहन स्थल पर अवैध कब्जे से अवगत करायेगा। अन्त में समिति के सदस्य पन्ना लाल मोदनवाल के निधन पर उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया। बैठक की अध्यक्षता किशन हरलालका एवं संचालन महामंत्री बाबू लाल गुप्त ने किया। इस अवसर पर राजा अवनीन्द्र दत्त दूबे ‘राजा जौनपुर’ के अलावा समूह सम्पादक कैलाशनाथ, यादवेन्द्र दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट, राजनाथ गुप्ता, कृष्ण कुमार वैश्य, आलोक मिश्र, राजेश सोनी, कृष्ण कुमार साहू, संजय अस्थाना, जय प्रकाश जायसवाल, सुरेश गुप्ता, रमेश चन्द्र साहू, विजय जायसवाल, अनिल जायसवाल, दयाशंकर साहू, विष्णु हरलालका, बांके लाल प्रेमी, सुनील सेठ, उमेश गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
सोमवार को जिलाधिकारी से मिलेगा महासमिति का प्रतिनिधिमण्डल
जौनपुर। ऐतिहासिक पंडित जी रामलीला समिति की बैठक रविवार को नखास स्थित नवदुर्गा शिव मंदिर के प्रांगण में सम्पन्न हुई जहां अध्यक्ष किशन हरलालका की अध्यक्षता में कई बिन्दुओं पर विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर सर्वप्रथम पिछले कार्य की पुष्टि करने के साथ रामायण एवं रामलीला शुरू कराने पर विचार हुआ। तत्पश्चात् रामलीला पर्दे पर कराने की बात कहते हुये भरत मिलाप के लिये चैकी मंगाने पर चर्चा हुई। इसी क्रम में भरत मिलाप पर सजावट व्यवस्था और सुन्दर कराने की बात कहते हुये अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषयों पर वार्ता हुई। इस दौरान सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि रावण दहन स्थल पर अवैध कब्जे की शिकायत करने के लिये सोमवार को प्रतिनिधिमण्डल जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराते हुये कार्यवाही करने की मांग करेगा। अन्त में उपरोक्त समस्या सहित अन्य बिन्दुओं के लिये पंडित जी रामलीला समिति, गोसाई जी रामलीला समिति और राजा हवेली को मिलाकर ‘रामलीला महासमिति’ बनाने की बात कही गयी जिस पर उपस्थित सभी लोगों ने समर्थन किया। बताया गया कि यही महासमिति जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकरियों से मिलकर रावण दहन स्थल पर अवैध कब्जे से अवगत करायेगा। अन्त में समिति के सदस्य पन्ना लाल मोदनवाल के निधन पर उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया। बैठक की अध्यक्षता किशन हरलालका एवं संचालन महामंत्री बाबू लाल गुप्त ने किया। इस अवसर पर राजा अवनीन्द्र दत्त दूबे ‘राजा जौनपुर’ के अलावा समूह सम्पादक कैलाशनाथ, यादवेन्द्र दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट, राजनाथ गुप्ता, कृष्ण कुमार वैश्य, आलोक मिश्र, राजेश सोनी, कृष्ण कुमार साहू, संजय अस्थाना, जय प्रकाश जायसवाल, सुरेश गुप्ता, रमेश चन्द्र साहू, विजय जायसवाल, अनिल जायसवाल, दयाशंकर साहू, विष्णु हरलालका, बांके लाल प्रेमी, सुनील सेठ, उमेश गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
