स्पीड ब्रेकर न होने से प्रतिदिन संकट से जूझ रहे नैनिहाल
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जौनपुर। शायद प्रशासन ने यह मंशा बना ली हैं कि दुर्घटना घटित होने के पश्चात् ही सुधार की दशा और दिशा तय करेंगे। इसका जीता जागता प्रमाण शहर के आजमगढ़ हाइवे पर स्थित पुराना व अत्यन्त प्रतिष्ठित विघालय (सेन्ट पैट्रिक सीनियर सेकेण्डरी स्कूल) हैं, जहाँ प्रतिदिन हजार की संख्या में नैनिहाल और छात्र-छात्रायें प्रतिदिन पठन-पाठन हेतु जाते हैं, परन्तु हाइवे होने के कारण लगातार गाड़ियाँ और ट्रक पूरे वेग से सड़क से गुजरते हैं, जिसके कारण अक्सर ऐसी परिस्थिति बन जाती हैं कि छात्र व अभिभावक सड़क के मध्य तक पहुँचने के बाद दोनो तरफ से गाड़ियों से घिर जाता हैं और दुर्घटना का संशय हमेशा बना रहता हैं।
उक्त स्थिति से निपटने हेतु स्कूल प्रशासन से भी कोई व्यवस्था नही की गयी हैं। भवन के निर्माण पर तो स्कूल प्रशासन का पूरा ध्यान हैं, परन्तु स्कूल के दोनो ओर गति नियन्त्रक (स्पीड ब्रेकर) बनवाने पर न तो स्कूल प्रशासन ध्यान दे रहा हैं और न ही जिला प्रशासन।
प्रतिदिन प्रातः 7:15 से 7:45 तक दोपहर 12:15 से 12:30 बजे व दिन के 2:00 बजे से 2:30 तक विघालय के छुट्टी के समय यह स्थिति अत्यन्त ही वीभत्स हो जाती हैं और समस्त रास्तो पर जाम लग जाता हैं। जिसके सत्यापन जिला प्रशासन द्धारा उक्त समयो पर स्वयं किया जाता हैं।
उक्त स्थिति से समस्त अभिभावको व छात्र-छात्राओं में रोष व्याप्त हैं और दुःख हैं कि अच्छी - खासी धनराशि फीस के नाम पर लेकर बुनियादी आवश्यकताओं पर ध्यान नही दिया जाता। ऐसी स्थिति बनी रही तो निश्चित ही कोई दुःखद घटना से इनकार नही किया जा सकता।
