संस्कारों की भी जननी होती है नारीः शालिनी पाण्डेय
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जौनपुर। नारी सिर्फ संतानों की नहीं, बल्कि संस्कारों की भी जननी है। औरत चाहे तो अच्छे संस्कारों से राम बना दे या बुरे संस्कारों से रावण। अच्छे वातावरण से घर को स्वर्ग या बुरे वातावरण से नर्क बना दे। उक्त उद्गार त्रिलोचन महादेव के निकट स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन लहंगपुर में आयोजित निरंकारी महिला संत समागम में उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुये बहन शालिनी पाण्डेय ने व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि भक्ति से मन को मजबूती मिलती है। भक्ति हमेशा गुरू की करनी है जिसने हमें निरंकार के साथ जोड़ा है। यह निर्गुण भी है और सगुण भी। भक्ति भरा जीवन जीने से ही हम अपने जीवन में खुशहाली ला सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन बहन सुनीता ने किया। इस अवसर पर मुखी मालती, सुशीला, उर्मिला, निर्मला, लालती, मालाजी, हरवंश कौर, मधु के अलावा सैकड़ों सम्बन्धित लोग उपस्थित रहे।

