ठण्ड न पड़ने से अन्नदाताओं पर फिर संकट के बादल
https://www.shirazehind.com/2016/01/blog-post_581.html
जौनपुर। अतिवृष्टि के कारण खरीफ की फसलो के नुकसान से अभी किसान उबर नही पाये थे इसी बीच इस वर्ष ठण्ड ने पड़ने के कारण रवि के फसलो पर मार पड़ गयी है। एक बार फिर से अन्नदाताओ पर भूखमरी का संकट मडराने लगा है। भविष्य लेकर जहां किसानो के चेहरो पर चिंता की लकीरे साफ दिखाई पड़ रही है वही सरकारी महकमा भी काफी गम्भीर नजर आ रहा है।
हर वर्ष दिसम्बर और जनवरी के महीने में हाडकंपा देने वाली ठण्ड पड़ती थी। लेकिन इस बार यहां पर फागुन जैसा मौसम हो गया। ठण्ड ने पड़ने के कारण गेहूं आलू मटर दलहन तिलहन समेत अन्य फसलो पर संकट का बादल मडरा रहा है। किसानो की माने तो वे अपनी सारी पूंजी लगा दिया है लेकिन भगवान इस बार भी हम लोगो के साथ बेईमानी पर उतारू है। ठण्ड न पड़ने के कारण हमारी फसलो की पैदावार औसत से काफी कम होने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो हम लोग एक बार फिर हम लोग भूखमरी के कगार पर पहुंच जायेगे।
उपकृषि निदेशक भी मानते है कि ठण्ड न पड़ने के कारण गेहूं की उपज घटेगा अगर इस तरह मौसम रहा तो सभी फसलो को नुकसान पहुंचेगा। उन्होने कहा कि हम लोग किसानो को बरार हल्की सिचाई का सलाह दे रहे है।
हर वर्ष दिसम्बर और जनवरी के महीने में हाडकंपा देने वाली ठण्ड पड़ती थी। लेकिन इस बार यहां पर फागुन जैसा मौसम हो गया। ठण्ड ने पड़ने के कारण गेहूं आलू मटर दलहन तिलहन समेत अन्य फसलो पर संकट का बादल मडरा रहा है। किसानो की माने तो वे अपनी सारी पूंजी लगा दिया है लेकिन भगवान इस बार भी हम लोगो के साथ बेईमानी पर उतारू है। ठण्ड न पड़ने के कारण हमारी फसलो की पैदावार औसत से काफी कम होने की उम्मीद है। अगर ऐसा हुआ तो हम लोग एक बार फिर हम लोग भूखमरी के कगार पर पहुंच जायेगे।
उपकृषि निदेशक भी मानते है कि ठण्ड न पड़ने के कारण गेहूं की उपज घटेगा अगर इस तरह मौसम रहा तो सभी फसलो को नुकसान पहुंचेगा। उन्होने कहा कि हम लोग किसानो को बरार हल्की सिचाई का सलाह दे रहे है।

