अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले तलवार से हुए सम्मानित
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सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर में स्थित हिन्दू इण्टर कालेज में संस्थापक स्व0 यमुना प्रसाद गुप्त का जन्मदिन संकल्प दिवस व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बीते सोमवार देर शाम तक चले कार्यक्रम की शुरूआत संस्थापक श्री गुप्त जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके किया गया। मुख्य अेतिथि मुंगरा बसपा प्रभारी सुषमा पटेल ने कहा सन् 1923 में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान विद्यालय खोलना बालकों का घर-घरौंदा नहीं था। संस्थापक स्व0 यमुना प्रसाद गुप्त सरीखे लोग बहुत मुश्किल से पैदा होते हैं जो मरने के बाद भी अपनी कहानी और यादगार छोड़ जाते हैं, एक तारीख बनकर चले जाते है। ऐसे महामानव के पद चिन्हों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अध्यक्षता कर रहे भारतीय किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ0 कुंवर धनन्जय सिंह ने कहा संस्थापक श्री गुपत जी एक विभूति तथा आदर्श थे। आज शिक्षा विभाग की सरपस्ती में संस्था में दुधारू गायं की तरह से दोहन कार्य चल रहा है उससे हम लोगों का सिर शर्म से झुक जाता है। संस्था पर माफियों का कब्जा हटवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी। जिस परिवार ने उक्त शिक्षा रूपी पौधा को लगाया था उसको हक दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा। विशिष्ट अतिथि भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि जब संविधान व शिक्षा विभाग के नियमानुसार जमीन का स्थानान्तरण दूसरी संस्था को नहीं हो सकता है तो विधि संगत कार्यवाही शिक्षा विभाग द्वारा न करना समझ से परे है। अन्तिम लड़ाई लड़ने तक यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा और आगे कहा शिक्षा विभाग की अनुकम्पा से कमजोर दरवाजे से मां सरस्वती मन्दिर में जो चोर घुस गये हंै उनको निकालने का संघर्ष जारी रहेगा। विशिष्ट अतिथि काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर डाॅ0 आर0 पी0 सिंह नेे कहा - दर्द उनको मालूम होता है जिनके परिवार ने शिक्षा मन्दिर खोला था उनके परिवार में रखवाली का उत्तरदायित्व सौंपने से संस्थापक श्री गुपत जी की भावनाओं का कद्र सम्भव है। योद्धा के रूप में अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने वाले डाॅ0 कुंवर धनन्जय सिंह, राजनाथ यादव, का0 सुभाष चन्द्र पटेल तथा डाॅ0 धरम सिंह को आयोजन पूर्व प्रधानाचार्य विनय कुमार गुप्त तथा उमर ओमरवैश्य समाज के प्रदेश नेता श्यामधर गुप्ता एडवोकेट ने तलवार भेंट कर सम्मानित किया। श्री गुप्त के जीवन वृत्तान्त को शिक्षक सिद्धार्थ तिवारी व कवि रमाकान्त गुप्त अम्बर ने गीतों द्वारा प्रस्तुत किया। चांदनी द्वारा मां का देवीगीत तथा शिक्षिका अजमतुल निशा ने सत्यम् शिवम् सुन्दरम् गीत के प्रस्ततीकरण को लोगों ने सराहा। दुव्र्यवस्था के लिए वक्ताओं ने एक स्वर से ही शिक्षा विभाग की कटु आलोचना की। अर्पित शुक्ला व गायिका चांदनी यादव को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। सारा कार्यक्रम स्व0 यमुना प्रसाद गुप्त स्मृति सेवा समिति के बैनर तले सम्पन्न हुआ। संचालन सह संयोजक बृजेश कुमार गुप्त ने किया। आयोजक पूर्व प्रधानाचार्य ने आगन्तुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। आगन्तुकों में मुख्य रूप से पूर्व विधायक सावित्री देवी पटेल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शेषधर शुक्ला, शेर बहादुर सिंह, राजन सिंह, दीप केशरी, शेखर आनन्द पाण्डेय, रमाशंकर शुक्ल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पशुपति नाथ मुन्ना, राजीव केशरी, राजू गुप्ता, प्रधानाचार्य राम श्रृंुगार शुक्ल, रमाकान्त गुप्ता, लालजी गुप्त, अनिल शुक्ला, सालिकराम पटेल, कल्पनाथ गुप्त, मनजीत कौर, अनिल तिवारी सुरेन्द्र पाण्डेय, रामलला पाण्डेय, लाल साहब सिंह, एम0 पी0 चैरसिया, नवल किशोर श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र शुक्ला, हिमकर पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव, बच्चा मास्टर साहब, परवेज लम्बू, गिरीश शर्मा, भोलाराम सरोज, शिवकुमार सरोज, शैलेश साहू आदि उपस्थित रहे।

