राज्यमंत्री पर लगा बीडीसी सदस्यों को धमकाने का आरोप
https://www.shirazehind.com/2016/02/blog-post_88.html
जौनपुर। ब्लाॅक प्रमुख चुनाव में लाख निष्पक्षता के दावों के बाद भी
राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने अपनी दबंगई दिखा ही दी। इस बार उन्होेंने
आचार सहिंता की धज्जियां उड़ाते हुए सुईथाकला ब्लाॅक पर ही डेरा डाल लिया।
इतना ही नहीं मंत्री पर बीडीसी सदस्यों और ब्लाॅक प्रमुख प्रत्याशी को
धमकाने का भी आरोप । जानकारी पर पहुंचे पत्रकारों को भी मंत्री ने नहीं
बख्शा। धौंस जमाते हुए कैमरे तक बंद करवा दिए। अधिकारियों से शिकायत तो
हुई लेकिन वो मंत्री के सामने खड़े होने तक की जुर्रत नहीं कर सके। इस मामले पर मंत्री ललई यादव का पक्ष लेने के उनके मोबाईल फोन किया गया तो नेटवर्क से बाहर बताया।
प्रदेश के ऊर्जा एवं नियोजन मंत्री शैलेंद्र यादव की दबंगई से सभी वाकिफ हैं। ब्लाॅक प्रमुख चुनाव मंे भी उनकी दबंगई और सत्ता की हनक का बोलबाला रहा। मंत्री का रसूख ऐसा कि आला अधिकारी तक घुटने टेकने का मजबूर हो गए। दरअसल सुईथाकला ब्लाॅक से मंत्री शैलेंद्र यादव ललई मिथिलेश यादव को ब्लाॅक प्रमुख का चुनाव लड़वा रहे हैं। उनके विरोध में शिवशंकर यादव ही मैदान में बचे हैं। बाकियों ने तो पहले ही मैदान छोड़ दिया था। रविवार को सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही मंत्री महोदय ने ब्लाॅक मुख्यालय पर टेंट लगाकर आसन जमा लिया। अब मंत्री के आगे प्रशासन की कहां हिम्मत की टेंट का हाथ भी लगा सके। बीडीसी विरेंद्र कुमार का आरोप है कि पहले उन्होंने प्रत्याशी को हनक दिखाते हुए बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश की। इतने से बात नहीं बनी तो बीडीसी सदस्यों को गेट के बाहर से ही अपने कब्जे में लेकर धमकाना शुरू कर दिया। बात फैली तो वहां हाहाकार मच गया। लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि मंत्री के आगे खड़ा होकर विरोध कर सके। सूचना मिली तो कई पत्रकार भी वहां पहुंच गए। ब्लाॅक पर सबकुछ वैसा ही चल रहा था जिसकी सूचना मिली थी। पत्रकारों ने मंत्री के रसूख की रिकाॅर्डिंग करनी चाही तो मंत्री ने फिर अपनी धौंस दिखाई। लोगों के कैमरे बंद करवा दिए गए। यहां तक पत्रकारों को टेंट के पास हट जाने तक धमकी दी गई। वहीं सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव का दम भरने वाले आलाधिकारियों ने भी उनके वहां होने की बात से खुद को अंजान ही बताया।
प्रदेश के ऊर्जा एवं नियोजन मंत्री शैलेंद्र यादव की दबंगई से सभी वाकिफ हैं। ब्लाॅक प्रमुख चुनाव मंे भी उनकी दबंगई और सत्ता की हनक का बोलबाला रहा। मंत्री का रसूख ऐसा कि आला अधिकारी तक घुटने टेकने का मजबूर हो गए। दरअसल सुईथाकला ब्लाॅक से मंत्री शैलेंद्र यादव ललई मिथिलेश यादव को ब्लाॅक प्रमुख का चुनाव लड़वा रहे हैं। उनके विरोध में शिवशंकर यादव ही मैदान में बचे हैं। बाकियों ने तो पहले ही मैदान छोड़ दिया था। रविवार को सुबह मतदान शुरू होने से पहले ही मंत्री महोदय ने ब्लाॅक मुख्यालय पर टेंट लगाकर आसन जमा लिया। अब मंत्री के आगे प्रशासन की कहां हिम्मत की टेंट का हाथ भी लगा सके। बीडीसी विरेंद्र कुमार का आरोप है कि पहले उन्होंने प्रत्याशी को हनक दिखाते हुए बाहर का रास्ता दिखाने की कोशिश की। इतने से बात नहीं बनी तो बीडीसी सदस्यों को गेट के बाहर से ही अपने कब्जे में लेकर धमकाना शुरू कर दिया। बात फैली तो वहां हाहाकार मच गया। लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि मंत्री के आगे खड़ा होकर विरोध कर सके। सूचना मिली तो कई पत्रकार भी वहां पहुंच गए। ब्लाॅक पर सबकुछ वैसा ही चल रहा था जिसकी सूचना मिली थी। पत्रकारों ने मंत्री के रसूख की रिकाॅर्डिंग करनी चाही तो मंत्री ने फिर अपनी धौंस दिखाई। लोगों के कैमरे बंद करवा दिए गए। यहां तक पत्रकारों को टेंट के पास हट जाने तक धमकी दी गई। वहीं सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव का दम भरने वाले आलाधिकारियों ने भी उनके वहां होने की बात से खुद को अंजान ही बताया।
