जेसीआई जौनपुर ने महिलाओं और मासूम बच्चियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ उठाई आवाज
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जौनपुर। महिलाओं
और बच्चियों पर हो रहे यौन हिंसा एवं घरेलू हिंसा के खिलाफ वन बिलियन
राइजिंग (197 देशों में महिलाओं और बच्चियों पर होने वाले हिंसा के खिलाफ
उठने वाली आवाज) के साथ जुटते हुए जेसीआई जौनपुर की महिलाओं ने अपनी अवाज
बुलन्द की। एक साल में पूरे विश्व में लगभग 10 करोड़ महिलाओं किसी न किसी
रूप से हिंसा का शिकार हो जाती है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार एवं यौन
हिंसा को रोकने एवं प्रशासन को भी जागरूक करने के मकसद से एक जागरूकता रैली
सद्भावना पुल से स्टेशन तक निकाला गया। महिलाओं का सम्मान करो, नाबालिग
एवं मासूम बच्चियों का यौन शोषण बंद करो, महिला सशक्तिकरण जिन्दाबाद के
नारों से समूचा शहर गूंज उठा।
समापन
अवसर पर बोलते हुए रैली की अगुवाई कर रहीं जेसी चेयरपर्सन रत्ना सेठी ने
कहा कब तक हम घरों में चुप बैठे रहेंगे? महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार के
खिलाफ सड़क पर नहीं उतरेंगे तब तक इस तरह की घटनाएं आये दिन होती रहेगी।
कोआर्डिनेटर श्रद्धा जायसवाल ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए बहुत सारे
कानून बना रखे हैं लेकिन फिर भी महिलाओं और छोटी मासूम बच्चियों पर यौन
हिंसा बढ़ती जा रही है जो काफी चिंताजनक है। इसी क्रम में अनीता सेठ ने कहा
कि अभी हाल में ही जौनपुर में 6 वर्षीय बालिका के साथ कुछ दरिंदो ने
दुष्कर्म किया। ये वाकई बहुत ही शर्मनाक घटना है। हम सभी महिलाएं इसकी घोर
निंदा करते हुए उस परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग करते हैं।
कार्य
की संयोजिका स्वर्णिमा जायसवाल ने कहा कि कोई कैसे मासूम बच्चियों के इस
तरह का अपराध कर सकता है। यह सोचकर हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पूर्व
जोन चेयरपर्सन सोनी जायसवाल एवं वंदना गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि
अपनी आत्मरक्षा करने के लिए लड़कियों व महिलाओं को मार्शल आर्ट आदि की
ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इसी क्रम में नीतू गुप्ता, पूनम जायसवाल, मंजू
जायसवाल, सीमा सहाय आदि ने भी अपने विचारों से जागरूकता लाने का प्रयास
किया।
कार्यक्रम को
सफल बनाने में तमाम जेसीरेट एवं संस्थाध्यक्ष विवेक प्रताप सेठी, सचिव आलोक
सेठ, पूर्व मण्डलाध्यक्ष राधेरमण जायसवाल, निवर्तमान अध्यक्ष राकेश
जायसवाल, संजय गुप्ता, जोन अधिकारी के.के. जायसवाल, रत्नेश गुप्ता, पूर्व
अध्यक्ष चन्द्रशेखर जायसवाल, संतोष अग्रहरि आदि का विशेष सहयोग रहा।

