भारत केशरी लालजी पहलवान का हुआ जबरदस्त स्वागत
https://www.shirazehind.com/2016/03/blog-post_251.html
जौनपुर। भारत केशरी, भारत कुमार, रूस्तम-ए-हिन्दी जैसी कई उपाधियों से विभूषित हिन्द केशरी लालजी पहलवान का कुश्ती संघ के संरक्षक डा. ब्रजेश यदुवंशी के नेतृत्व में वाजिदपुर तिराहे पर जबर्दस्त स्वागत किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘यश भारती’ सम्मान पाने के बाद लालजी पहलवान अपने गृह जनपद वाराणसी जा रहे थे। यहां छोटे से लेकर बड़े पहवानों ने बजरंग बली के जयघोष के साथ उनको फूल-मालाओं से लाद दिया।
स्वागत समारोह में यश भारती लालजी पहलवान ने कहा कि आज जो भी मैं हूं, वह कुश्ती की बदौलत। कुश्ती मेरी आन, बान एवं शान है। उन्होंने आगे कहा कि युवा पहलवान जल्दबाजी में परिणाम की इच्छा ना करें। पहलवानी में शार्ट कट नहीं, बल्कि लगन, संयम व समय की जरूरत होती है। सफलता अपने आप चरण चूमेगी।
रेलवे के राष्ट्रीय पहलवान राम मूरत यादव ने कहा कि 70 के दशक में हिन्द केशरी लालजी पहलवान के सामने कोई भी पहलवान लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। जो इनसे कुश्ती लड़ा, वह चित्त हुआ। सेना के राष्ट्रीय पहलवान लालजी यादव ने कहा कि हिन्द केशरी लालजी पहलवान के नाते पूर्वांचल की पहलवानी पूरे देश में जानी जाती है। कुश्ती संघ के संरक्षक डा. ब्रजेश यदुवंशी ने कहा कि हिन्द केशरी लालजी पहवान कुश्ती के पर्याय हैं। एक जमाना था जब इनके नाम से देश के बड़े-बड़े पहलवान भयभीत हो गये। इन्होंने एशिया चैम्पियन पहलवान सुखचैन व नेत्रपाल को मिनटों में आसमान दिखा दिया था और दर्जनों राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय पहलवानों को सामने टिकने नहीं दिया।
स्वागत समारोह में मुख्य रूप से तलवार कोच शिवशंकर साहनी, कुश्ती कोच अशोक सोनकर, कमलेश यादव, डा. ध्यानचन्द यादव, राम अशीष, कौशल कुमार, अजीत यादव, चैथी यादव, बजरंगी पहलवान, डा. बेचन यादव, मग्घू पहलवान, सुरेन्द्र पहलवान, राज निषाद, आल्हा पहलवान के अलावा यातायात निरीक्षक घनश्याम यादव सदलबद उपस्थित रहे। स्वागत समारोह का संचालन आयुष ग्रुप आॅफ इन्स्टीट्यूशन के डायरेक्टर आशीष यादव ने किया।
स्वागत समारोह में यश भारती लालजी पहलवान ने कहा कि आज जो भी मैं हूं, वह कुश्ती की बदौलत। कुश्ती मेरी आन, बान एवं शान है। उन्होंने आगे कहा कि युवा पहलवान जल्दबाजी में परिणाम की इच्छा ना करें। पहलवानी में शार्ट कट नहीं, बल्कि लगन, संयम व समय की जरूरत होती है। सफलता अपने आप चरण चूमेगी।
रेलवे के राष्ट्रीय पहलवान राम मूरत यादव ने कहा कि 70 के दशक में हिन्द केशरी लालजी पहलवान के सामने कोई भी पहलवान लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। जो इनसे कुश्ती लड़ा, वह चित्त हुआ। सेना के राष्ट्रीय पहलवान लालजी यादव ने कहा कि हिन्द केशरी लालजी पहलवान के नाते पूर्वांचल की पहलवानी पूरे देश में जानी जाती है। कुश्ती संघ के संरक्षक डा. ब्रजेश यदुवंशी ने कहा कि हिन्द केशरी लालजी पहवान कुश्ती के पर्याय हैं। एक जमाना था जब इनके नाम से देश के बड़े-बड़े पहलवान भयभीत हो गये। इन्होंने एशिया चैम्पियन पहलवान सुखचैन व नेत्रपाल को मिनटों में आसमान दिखा दिया था और दर्जनों राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय पहलवानों को सामने टिकने नहीं दिया।
स्वागत समारोह में मुख्य रूप से तलवार कोच शिवशंकर साहनी, कुश्ती कोच अशोक सोनकर, कमलेश यादव, डा. ध्यानचन्द यादव, राम अशीष, कौशल कुमार, अजीत यादव, चैथी यादव, बजरंगी पहलवान, डा. बेचन यादव, मग्घू पहलवान, सुरेन्द्र पहलवान, राज निषाद, आल्हा पहलवान के अलावा यातायात निरीक्षक घनश्याम यादव सदलबद उपस्थित रहे। स्वागत समारोह का संचालन आयुष ग्रुप आॅफ इन्स्टीट्यूशन के डायरेक्टर आशीष यादव ने किया।

