जिस घर में होगा शौचालय उसी घर में करूंगा बहन बेटियों की शादी
https://www.shirazehind.com/2016/03/blog-post_494.html
जौनपुर। जिले के धर्मापुर ब्लाक का एक गांव के प्रधान ने ग्रामीणो के सहयोग से अपने गांव को स्वच्छ और सुन्दर बनाने का संकल्प एक सप्ताह पूर्व लिया गया जिसका परिणाम है आज यह गांव खुले में शौच मुक्त हो गया है। यह पहला गांव है जो इस अभियान में सौ प्रतिशत अंक प्राप्त कर लिया। ग्राम प्रधान और ग्रामीणो को सम्मानित करने के लिए खुद डीएम भानुचंद्र गोस्वामी गांव में पहुंचकर इस कार्य में लगे सभी लोगो का सम्मानित किया साथ गौरव यात्रा भी निकाली। इस मौके पर ग्रामीणो ने यह भी संकल्प लिया कि हम अपनी बहन बेटियों की शादी उसी घर में करेंगे जिस घर में शौचालय होगा।
जौनपुर जिले के धर्मापुर ब्लाक का सरेमू गांव सहित 11 गांवो को स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त करने लिए जिला प्रशासन द्वारा चयनित किया गया था। इस अभियान में सरेमू गांव की महिला प्रधान और ग्रामीणो ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। यहां पर एक महिला और एक पुरूष की दो टीमे गठित किया गया। ये दोनो टीमे सूबह और शाम घर घर जाकर खुले में शौच न करने और शौचालय का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया। जिसका परिणाम है यह गांव मात्र एक सप्ताह के भीतर जिले का पहला ऐसा गांव बन गया जहां पर एक भी व्यक्ति खुले में शौच नही कर रहा है। अपने गांव को स्वच्छ और सुन्दर बनाने का संकल्प लेने वाले ग्रामीण न आज यह भी कसम खायी कि जिस घर में शौचालय नही होगा उस घर में हम लोग अपने बहन बेटियों की शादी नही करेगें
आज सायं जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी ने धर्मापुर विकास खण्ड के ग्राम सरेमू में ग्रामीणों के सात दिन के प्रयास से ओडीएफ होने पर गांव के निगरानी समिति के सदस्यों अखिलेश कुमार, अखिलेश पाल, दिवाकर मौर्य, श्यामजी यादव, नरसिंह मौर्य, रविन्द्र पाडेय मिथलेश मिश्रा, महोवी मौर्य, पिन्टु गौड़, श्यामजीत पाल, महबुब, विमलेश मौर्य प्रधान, सोनू मौर्य, रामअवध पाल, सोनू राम, बृजेश मौर्य, कल्लू, हैदर अली, सुनीता पाण्डेय, साधना मौर्य, गोदावरी, हसीना सहित कुल 20 लोगों को जिलाधिकारी द्वारा माल्यापर्णकर एवं टीशर्ट देकर सम्मानित किया। प्राथमिक विद्यालय सरेमू में चौपाल लगाकर ग्रामीण जनता को शौचमुक्त गांव घोषित किया तथा जिले का स्वच्छता अभियान के लिए लोगो भी जारी कर गांव को प्रथम स्वच्छ गांव घोषित भी किया।
जौनपुर जिले के धर्मापुर ब्लाक का सरेमू गांव सहित 11 गांवो को स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त करने लिए जिला प्रशासन द्वारा चयनित किया गया था। इस अभियान में सरेमू गांव की महिला प्रधान और ग्रामीणो ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। यहां पर एक महिला और एक पुरूष की दो टीमे गठित किया गया। ये दोनो टीमे सूबह और शाम घर घर जाकर खुले में शौच न करने और शौचालय का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया। जिसका परिणाम है यह गांव मात्र एक सप्ताह के भीतर जिले का पहला ऐसा गांव बन गया जहां पर एक भी व्यक्ति खुले में शौच नही कर रहा है। अपने गांव को स्वच्छ और सुन्दर बनाने का संकल्प लेने वाले ग्रामीण न आज यह भी कसम खायी कि जिस घर में शौचालय नही होगा उस घर में हम लोग अपने बहन बेटियों की शादी नही करेगें
आज सायं जिलाधिकारी भानुचन्द्र गोस्वामी ने धर्मापुर विकास खण्ड के ग्राम सरेमू में ग्रामीणों के सात दिन के प्रयास से ओडीएफ होने पर गांव के निगरानी समिति के सदस्यों अखिलेश कुमार, अखिलेश पाल, दिवाकर मौर्य, श्यामजी यादव, नरसिंह मौर्य, रविन्द्र पाडेय मिथलेश मिश्रा, महोवी मौर्य, पिन्टु गौड़, श्यामजीत पाल, महबुब, विमलेश मौर्य प्रधान, सोनू मौर्य, रामअवध पाल, सोनू राम, बृजेश मौर्य, कल्लू, हैदर अली, सुनीता पाण्डेय, साधना मौर्य, गोदावरी, हसीना सहित कुल 20 लोगों को जिलाधिकारी द्वारा माल्यापर्णकर एवं टीशर्ट देकर सम्मानित किया। प्राथमिक विद्यालय सरेमू में चौपाल लगाकर ग्रामीण जनता को शौचमुक्त गांव घोषित किया तथा जिले का स्वच्छता अभियान के लिए लोगो भी जारी कर गांव को प्रथम स्वच्छ गांव घोषित भी किया।

