परशुराम की मनायी गयी जयंती
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जौनपुर। आदि गंगा गोमती के तट पर यमदग्नि ऋषि की तपोभूमि तथा भगवान परशुरामपुर जी की जन्मस्थली रही जमैथा के पावन धरा पर भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अम्बुजानन्द महाराज रहे। उक्त अवसर अम्बुजानन्द जी महाराज ने भगवान परशुराम जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोगों को भगवान परशुराम से प्रेरणा लेनी चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि भगवान परशुराम का पूर्व नाम राम था, जब इन्होंने आताताईयों के संहार के लिए एवं धर्म की रक्षा के लिए परशु धारण किया तब से इनका नाम परशुराम पड़ गया। भगवान परशुराम आताताईयों का नाश कर अधर्म पर धर्म की विजय की। कार्यक्रम की अध्यक्षता धनंजय शुक्ला पूर्व ग्राम प्रधान जमैथा ने किया एवं संचालन संजय शुक्ला व प्रियेश मिश्रा ने किया। उक्त अवसर पर बसन्त शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, अचल शुक्ला, अजय शुक्ला, मंगला प्रसाद शुक्ला, गामा प्रसाद शुक्ला, रामजीत शुक्ला, कृपाशंकर शुक्ला, विकास शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
