तकनीकी के युग में साहित्यिक चोरी करने वाले बच नहीं पायेेगें : प्रो0 खुशेन्द्र
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल विश्वविद्यालय परिसर स्थित कान्फेंन्स हाल- डा0 राजनारायण गुप्ता, डा0 यू0 पी0 सिंह एवं विवेकानन्द केन्द्रीय पुस्तकालय में बुधवार को शोध प्राविधि एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन विषयक आयोजित कार्यशाला में समानान्तर तकनीकी सत्रो का आयोजन हुआ। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में प्रबंध अध्ययन संकाय के प्रो0 खुशेन्द्र मिश्र ने कहा कि तकनीकी के इस युग में साहित्यिक चोरी करने वाले बच नहीं पायेेगें। शोध में साहित्यिक चोरी अपराध हैं, जो दण्डनीय है। उन्होंने कहा कि शोधपत्र एवं शोध प्रबंध अब आनलाइन हैं। ऐसे में फर्जीवाड़ा नहीं चल पाएगा। उन्होंने शोध में मौलिकता बनाए रखने पर जोर दिया। बी0 एच0 यू0 के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो0 ए0 के राय ने पी0एच0डी0 शोध प्रबंध लेखन हेतु वैज्ञानिक लेखन और प्रकाशन पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि शोध कौशल, विकास, सहयोग, साहित्य तथा आकड़ो का सम्यक उपयोग करने वाला ही शोधार्थी सफल है। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो0 देवेश कुमार राय ने कहा कि उपयोगी साहित्य की खोज करना समुद्र में मोती खोजने के समान है। उन्होंने शोध में कम्प्यूटर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। बी0 एच0 यू0 के समाजशास्त्र विभाग के प्रो0 ए0 के0 जोशी ने कहा कि फील्ड वर्क करने वाले विद्यार्थियों को संचार, स्थान और समय सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने शोध के विविध आयामों, आकड़ो के संग्रहण एवं शोध प्राविधि पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र को सम्बोधित करते हुये मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद के विभागाध्यक्ष डा0 तनुज नन्दन एवं डा0 विभूति त्रिपाठी ने शोध विधियों में एस.पी.एस.एस. के उपयोग, उपयोगिता एवं आंकडों के विश्लेषण के महत्व पर चर्चा की। वक्ता द्वय ने बताया कि किस प्रकार से जटिल आकड़ो को इस साफ्टवेयर द्वारा संश्लेषित किया जाता है। बी0एच0यू0 के डिप्टी लाईब्रेरियन डा0 विवेकानन्द जैन ने शोध हेतु पुस्तकों की महत्ता, एवं उनकी उपयोगिता पर चर्चा की। मानद पुस्तकालयाध्यक्ष डा0 मानस पाण्डेय ने जर्नल, टेक्स्ट बुक्स, रिफरेंसबुक्स तथा इडिटेड किताबो के जरिये शोध हेतु विद्यार्थियों को विस्तृत व्याख्यान दिया। कार्यशाला समन्वयक एवं तिलकधारी पी0जी0 कालेज के पूर्व प्राचार्य डा0 यू0पी0 सिंह ने शोधार्थियों को शोध प्रबंध लेखन एवं अर्थशास्त्र विभाग के डा0 अरूण कुमार सिंह ने शोधार्थियों को डाटा संग्रहण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस अवसर पर डा0 राकेश सिंह, उप कुल सचिव संजीव सिंह, डा0 रामनारायण, डा0 मुराद अली, डा0 मनोज मिश्र, डा0 रशिकेश, डा0 दिग्विजय सिंह राठौर, डा0 अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, ऋषि श्रीवास्तव, डा आलोक दास, डा0 सुशील सिंह, डा0 आलोक सिंह, डा0 विद्युत कुमार मल, अनिल श्रीवास्तव, श्याम श्रीवास्तव, अवधेश प्रसाद,आनन्द सिंह, पंकज सिंह, सहित विश्वविद्यालय के शोधार्थी एंव प्रतिभागी मौजूद रहे। संचालन संकायाध्यक्ष डा. एच.सी. पुरोहित, स्वागत आयोजन सचिव डा. वन्दना राय द्वारा एवं आभार डा आशुतोष सिंह द्वारा किया गया।

