स्वामी ने रखी कौन सी शर्त, जो टूट गई BJP से 'डील'
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लखनऊ। विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य की समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मौर्य की भाजपा से बात नहीं बन पायी है। बताया जा रहा है कि मौर्य ने भाजपा के सामने अपनी कुछ शर्तें रखी, जिससे भाजपा नेतृत्व सहमत नहीं हैं। इधर, कहा जा रहा है कि भाजपा से कुछ शर्तों पर सहमति न मिल पाते देख बसपा के पूर्व महासचिव मौर्य सपा का दामन थामने को तैयार हो गए हैं। स्वामी के सपा में शामिल होने के साथ ही उनको मंत्रिमंडल में भी स्थान मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो मौर्य राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव के दौरान ही सपा व भाजपा के सम्पर्क में आ चुके थे। पर, अब वे बसपा छोड़कर प्रदेश की सियासत के समीकरण ही बदल दिए हैं। भाजपा ने नहीं मानी शर्त बताया जा रहा है कि स्वामी ने भाजपा के सामने बड़ी शर्त रख दी। शर्त के मुताबिक, मौर्य आने वाले चुनाव में अपने खाते के करीब 11 सीटों पर टिकट के अलावा पार्टी का चेहरा बनाए जाने की बात भाजपा के सामने रखी, जिसपर पार्टी की राष्ट्रीय नेतृत्व सहमत नहीं हुए। उसके बाद स्वामी के पास सपा के दरवाजे खुले मिल गए। जहां 27 को होने वाले कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्री बनने का ऑफर मिल गया है। हालांकि, स्वामी प्रसाद मौर्य अभी इस मसले पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन, जिस प्रकार बसपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य व मोहम्मद आजम खां विधान भवन में गलबहियां करते देखे गए, उससे तो साफ संकेत है कि स्वामी अब सपा में जाने को तैयार हैं।

