ब्रहम की प्राप्ति, भ्रम की समाप्ति



जौनपुर । यह सार्वभौमिक सत्य है कि समस्त इन्सान पाँच तत्व के पुतले ही है। किसी भी धर्म संस्कृति मे पले - बढ़े हो सभी इन्सान एक ही प्रभु की संन्तान है। जिसने अपने आप को जान लिया अर्थात सत्य का बोध हो गया, उसकी भटकन समाप्त हो जाती है। उक्त उद्गार लखमापुर स्थित संन्त निरंकारी सत्संग भवन, मुक्तिगंज स्थित हनुआडीह संन्त निरंकारी सत्संग भवन व कोतवाली स्थित नगर पालिका टाउनहल के मैदान में आयोजित निरंकारी सत्संग समारोह में उपस्थित विशाल संन्त समूह को संम्बोधित करते हुए दिल्ली से आये केन्द्रीय प्रचारक व विद्वान संन्त पंडित अब्दुल गफ्फार खान जी ने व्यक्त किया। उन्होने आगे कहा कि आज इन्सान दुनियावी तौर पर अनेक जानकारियाँ एकत्रित करता रहता है लेकिन मूल जानकारी (ईश्वर से नाता जोड़ना) से अनभिज्ञ रहता है ईश्वर की जानकारी वही करा सकता है जो स्वंय ईश्वर को जानता हो। आज इन्सान परमात्मा को अपने से दूर मानता है क्योंकि अज्ञानता के कारण दूरी बनी हुई है। अज्ञानता दूर होते ही ज्ञान का उजाला हो जाता है और यह दूरी समाप्त हो जाती है। सद्गुरू माता सविन्दर जी के संन्देंशो को उजागर करते हुए आप ने कहा कि सन्तो - महात्माओं ने हर युग और हर दौर मेें मानव मात्र को यही संन्देश दिया है कि सत्य कि अनुभुति से ही जीवन में जाग्रति आयेगी। मानव जीवन का पूरा लाभ उठाते हुऐ समय रहते ब्रहमानुभूति करनी है। जीवन में ब्रहमज्ञान प्राप्त होना, मनुष्य के लिये सर्वश्रेष्ठ दात है। इसे जान लेने के बाद कुछ भी प्राप्त करना शेष नही रहता। मुख्य वक्ता ड़ा0 सुरेन्द्र कुमार सतवीर दीवाना निशा मेवा लाल रामबचन यादव , सियाराम , उदय नारायन जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

Related

news 4286333824096682257

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item