प्रभु प्राप्ति से मानव जीवन की सार्थकता
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जौनपुर। इन्साफ को हर युग और दौर में यह जागृति प्रदान की गयी है कि समय रहते सत्य की अनुभूति कर ली जाय जिससे मानव जीवन में आना सार्थक हो जाय। उक्त बातें चन्दवक के खुज्जी मोड़ निरंकारी सत्यंग भवन के प्रांगण में एवं केराकत स्टेशन मैदान में सन्त समूह को सम्बोधित सम्बोधित करते हुए पण्डित अब्दुल गफ्फार खान ने व्यक्त किया। उन्होने कहा कि यह इंसान की विडम्बना है कि कल्याणकारी संदेशों को वह सुनता नहीं। जब तक सत्य को जीवन का आधार बनाया नहीं जाता उद्धार होने वाला नहीं है। सत्य की प्राप्ति ज्ञानी जनों का संग करने से ही हो सकती है। जब यह प्राप्ति हो जाती है। फिर यह अविनाशी प्रभु हर तरफ नजर आता है। सन्त महापुरूषों ने यही संदेश दिया है कि प्रभु कहीं दूर नहीं केवल नजर चाहिए। उन्होने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य मूल की पहचान करना है। यह काम हर जाति धर्म वाला व्यक्ति कर सकता है। सद्गुरू भेदभाव को खत्म करके मिलजुलकर प्रभु का यश करने का उपदेश देता है। कहा कि सद्गुरू ब्रहमज्ञान प्रदान करके प्रत्येक प्राणी को सच्चा धार्मिक इन्सान बना देता है। मुख्य वक्ता रमाश्ंाकर, खुर्शीद अहूद, शकील अहमद, रणवीर, निशा, बृजेश , उमाशंकर, उदय नारायण जायसवाल आदि रहे। फोटो 04- चन्दवक में निरंकारियों को सम्बोधित करते गफ्फार खान।

